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Ornamental Fish Farming: बढ़ रहा है सजावटी मछलियों का कारोबार, 28 करोड़ रुपये की हुईं एक्सपोर्ट

गर्म मौसम के दौरान आपकी मछली के तनाव का पहला संकेत है कि उसकी गिल तेजी से हिलाती है.
प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली. फिश फार्मिंग सजावटी मछलियों का कारोबार तेजी के साथ बढ़ रहा है. फिश फार्मिंग की जानकारी रखने वाले एक्सपर्ट कहते हैं कि सजावटी मछली पालकर अच्छी खासी इनकम हासिल की जा सकती है. अगर फिश फॉर्मर्स सजावटी मछली का पालन करें तो उन्हें अच्छा मुनाफा भी होगा. क्योंकि भारत से ओर्नामेंटल यानि सजावटी मछलियों को एक्सपोर्ट भी किया जाता है. जिसका अच्छा दाम मिलता है. वहीं सरकारी आकंड़ों को मानें तो इसका कारोबार बढ़ा है और 28 करोड़ रुपये की सजावटी मछलियों का एक्सपोर्ट भी हुआ है.

बताते चलें कि भारत में अंतर्देशीय और समुद्री जल में अलंकारिक (ओर्नामेंटल) मछलियों की बहुत विविधता है. भारत में 374 से अधिक मीठे पानी की स्वदेशी अलंकारिक मत्स्य प्रजातियां हैं और 700 से ज्यादा स्वदेशी समुद्री अलंकारिक मत्स्य प्रजातियां पाई जाती हैं. समुद्री प्रोडक्ट निर्यात विकास प्राधिकरण (एमपीईडीए) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने वर्ष 2023-24 के दौरान 28 करोड़ रुपए मूल्य की 244 मीट्रिक टन अलंकारिक मत्स्य का निर्यात किया है.

20 हजार करोड़ का हुआ है निवेश
मत्स्यपालन विभाग, मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय भारत में फिशरीज क्षेत्र के लगातार विकास के जरिये से सजावटी फिशरी के विकास और नीली क्रांति लाने के दृष्टिकोण से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) का लागू किया है. वहीं PMMSY के तहत वित्त वर्ष 2020-21 से वित्त वर्ष 2024-25 तक 5 साल में फिशरीज क्षेत्र में सबसे अधिक 20 हजार 50 करोड़ रुपयों का निवेश हुआ है.

सजाटवी मछली के विकास के लिए जारी हुआ प्रस्ताव
चार वित्तीय वर्षों (2020-21 से 2023-24) और वर्तमान वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान, मत्स्यपालन विभाग, भारत सरकार ने 193 बैकयार्ड ओर्नामेंटल फिश रियरिंग यूनिट, 195 मीडियम स्केल ओर्नामेंटल फिश रियरिंग यूनिट, 32 इंटीग्रेटेड ओर्नामेंटल फिश यूनिट और 2 ओर्नामेंटल फिश ब्रूड बैंकों की स्थापना के लिए 157.64 करोड़ रुपए के कुल खर्च पर अलंकारिक मात्स्यिकी (ओर्नमेंटल फिशरीज) विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी है.

सर्टिफिकेशन के लिए दिशा निर्देश जारी
मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ​​ललन सिंह ने राज्यसभा में कहा कि एमपीईडीए आयातक देशों की स्वच्छता जरूरतों के का पालन सुनिश्चित करने और निर्यात के लिए अलंकारिक मछलियों का परीक्षण और सर्टिफिकेशन भी कर रहा है. पर्यावरणीय और सामाजिक-आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए एमपीईडीए द्वारा मीठे पानी की अलंकारिक मछलियों (फ्रेश वॉटर ओर्नामेंटल फिश) के सर्टिफिकेशन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं.

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