Home मछली पालन Fish Farming: ठंड में फ्री के देसी जुगाड़ से मछली के तालाब में बढ़ाएं आक्सीजन का लेवल, तरीका जानें यहां
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Fish Farming: ठंड में फ्री के देसी जुगाड़ से मछली के तालाब में बढ़ाएं आक्सीजन का लेवल, तरीका जानें यहां

मछली के तालाब में चूना पोषक तत्व होता है, ये कैल्शियम उपलब्ध कराने के साथ जल की अम्लीयता को कंट्रोल करता है.
मछली का तालाब.

नई दिल्ली. मछली पालन करने वाले किसानों के साथ ठंड में ये समस्या रहती है कि वह किस तरह से तालाब में ऑक्सीजन के लेवल को बढ़ाएं. आमतौर पर ठंड में जबकि दूसरे मौसम में भी तालाब में ऑक्सीजन का लेवल घट जाता है. इसके चलते मछलियों की दम घुटने से मौत भी हो जाती है. नतीजे में फिश फार्मिंग में फायदे की जगह नुकसान होने लगता है. इसलिए बेहद ही जरूरी है कि तालाब को साफ रखा जाए ताकि इसमें ऑक्सीजन का लेवल बना रहे. इससे मछलियों को सांस लेने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी और प्रोडक्शन पर बुरा असर नहीं पड़ेगा. जब ऐसा होगा तो फिश फार्मिंग में फायदा होगा.

आमतौर पर मछली के तालाब में ऑक्सीजन का लेवल बढ़ाने के लिए मछली किसान एयरेटर का इस्तेमाल करते हैं. जिससे मछली के तालाब में ऑक्सीजन का लेवल ऊपर जाता है और इससे मछलियों को राहत मिलती है. वहीं तालाब में ऊंचाई से पानी गिराने से भी ऑक्सीजन का लेवल बढ़ जाता है. हालांकि एक देशी जुगाड़ और भी है, जिससे ऑक्सीजन का लेवल बढ़ाया जा सकता है, वो भी बिल्कुल फ्री में.

तालाब में डालें केले के पत्ते
फिश एक्सपर्ट कहते हैं कि जब भी तालाब में ऑक्सीजन का स्तर गिरे तो उस वक्त केले के पत्ते ऑक्सीजन का लेवल बढ़ाने के लिए बहुत ही कारगर साबित होते हैं. इससे ऑक्सीजन का लेवल भी बढ़ जाता है और मछलियां तंदुरुस्त हो जाती हैं. आप अगर तालाब में केले के पत्ते डालते हैं तो इसका बेहतर रिजल्ट देखने को मिलेगा. केले के पत्ते आसानी से कहीं भी आपको फ्री में मिल जाएंगे. जिसे आप तालाब में डाल दें और ऑक्सीजन का लेवल बढ़ा लें. जिससे मछलियों को राहत मिलेगी. उनकी ग्रोथ पर बुरा असर नहीं पड़ेगा उनके प्रोडक्शन भी ज्यादा होगा.

इस तरह करें केले के पत्ते का इस्तेमाल
हालांकि केले के पत्ते को डालते वक्त एक बात का ध्यान रखना बेहद ही जरूरी है कि तालाब में ऐसे केले के पत्ते को डालें, जिसमें थोड़ी धूप लग गई हो. या उसे धूप में कुछ दिन के लिए रख दिया जाए. अगर थोड़ा सुखाकर केले के पत्ते को पानी में डाला जाता है तो इससे ऑक्सीजन का लेवल बढ़ जाता है. जबकि हरा पत्ते डाल देने से ये पानी के संपर्क में आने के बाद सब सड़ जाएंगे और तालाब साफ होने के बजाय गंदा हो जाएगा. इससे ऑक्सीजन लेवल घट भी सकता है तो इसलिए जरूरी है कि हमेशा पत्ते को सुखाकर डालें. तभी ऑक्सीजन बढ़ेगा नहीं तो नुकसान होने लगेगा. एक्सपर्ट कहते हैं कि ठंड में अगर आक्सीजन बढ़ाने में कामयाबी मिल गई तो इससे मछलियां सेहतमंद हो जाती हैं और मछली पालक को अच्छी कमाई होती है.

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