Home पोल्ट्री Poultry: क्या है पोल्ट्री की क्रोनिक रेस्पिरेटरी डिजीज, अंडा उत्पादन हो जाता है कम
पोल्ट्री

Poultry: क्या है पोल्ट्री की क्रोनिक रेस्पिरेटरी डिजीज, अंडा उत्पादन हो जाता है कम

मुर्गियों के रहने की जगह को साफ-सुथरा रखना चाहिए.
प्रतीकात्मक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।

मुर्गी पालन वैसे तो अच्छा मुनाफा देता है, लेकिन पोल्ट्री में अगर बीमारियां लग जाएं तो मुनाफा की जगह नुकसान उठाना पड़ सकता है. वैसे तो मुर्गियों में कई तरह की बीमारियां होती हैं. लेकिन क्रोनिक रेस्पिरेटरी डिजीज एक खतरनाक बीमारी है. बढ़ती और वयस्क मुर्गियों का एक संक्रामक रोग है. क्रोनिक रेस्पिरेटरी डिजीज बीमारी होने पर मुर्गियों में सांस लेते समय घरघराहट की आवाज आती है. मुंह, चोंच और सिर का रंग काला पड़ जाता है.

पोल्ट्री का बिजनेस आज मुनाफे का सौदा साबित हो रहा है. अगर पोल्ट्री सेक्टर में अंडे और मीट के लिए कारोबार किया जाए, तो यह एक बेहतरीन मुनाफे का सौदा साबित हो सकता है. आजकल तापमान थोड़ा अधिक हो रहा है. ऐसे में पोल्ट्री में बीमारी का खतरा अधिक रहता है. आइये जानते हैं क्रोनिक रेस्पिरेटरी डिजीज के बारे में.

क्या है क्रोनिक रेस्पिरेटरी डिजीज: CRD (क्रोनिक रेस्पिरेटरी डिजीज) एक संक्रामक बीमारी है जो मुर्गियों में सांस लेने की समस्या पैदा करती है. CRD में मुर्गियों में सांस लेने में कठिनाई, सिर हिलाना, आंखों से पानी आना और चेहरे पर सूजन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. इस बीमारी में मुर्गियां बार-बार खांसती या छींकती हैं. मुर्गियों का वजन कम होने लगता है. मुर्गियां कम अंडे देती हैं. मुर्गियां सुस्त और थकी हुई दिखाई देती हैं.

ये हैं सामान्य लक्षण: पोल्ट्री में क्रॉनिक रेस्पिरेटरी डिजीज (CRD) के कुछ सामान्य लक्षण हैं. सांस फूलना, चेहरे पर सूजन. संक्रमण के मौसम में पोल्ट्री में यह आम बीमारी है, जो सभी उम्र में होती है. हालांकि, 3-6 सप्ताह की उम्र वाली मुर्गियां और अंडा देने वाली मुर्गियां अन्य आयु समूहों की तुलना में अधिक संवेदनशील होती हैं.

बीमार मुर्गी को खिलाएं ये आहार: जब आपकी मुर्गियां बीमार होती हैं, तो भोजन पानी जितना महत्वपूर्ण नहीं होता है और उन्हें खाने का मन भी नहीं करता. हालांकि, आप लेयर फीड को पीसकर और मैश बनाने के लिए गर्म पानी या दूध के साथ मिलाकर अपने चिकन को खाने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं.

ऐसे कर सकते हैं देखभाल:

  • मुर्गियों के रहने की जगह को साफ-सुथरा रखना चाहिए.
  • CRD का उपचार पशु चिकित्सक द्वारा निर्धारित किया जाता है.
  • उपचार में एंटीबायोटिक दवाएं शामिल हो सकती हैं. अच्छा वायु संचार होना चाहिए ताकि मुर्गियां स्वस्थ रहें.
  • मुर्गियों को अच्छा और संतुलित आहार देना चाहिए.
  • संक्रामक ब्रोंकाइटिस (IBV) एक ऐसा रोग है जो CRD को जटिल बना सकता है, इसलिए IBV से बचाव के लिए टीकाकरण करना चाहिए.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

livestookanimalnews-poultry-cii-egg-
पोल्ट्री

Poultry Farming: पोल्ट्री फार्म से लार्वा चक्र को तोड़कर मक्खियों को किया जा सकता है नियंत्रित

नई दिल्ली. पोल्ट्री फार्म में वेस्ट मैनेजमेंट के लिए कीटनाशक, लार्वानाशक, विसंक्रमणकारी...

मुर्गियों के रहने की जगह को साफ-सुथरा रखना चाहिए.
पोल्ट्री

Poultry Farming News: मुर्गी के बीट का कलर बीमारियों की ओर करता है इशारा, ऐसे पहचानें

नई दिल्ली. पोल्ट्री फार्मिंग में बीमारियां मुर्गियों के उत्पादन को प्रभावित करती...

पोल्ट्री शेड के निर्माण के लिए ऊंची भूमि का चयन करना चाहिए. कुछ चट्टान वाली जगह होती है, वे ज्यादा अच्छी होती हैं. शेड ऊंची होती है, तो उसके पास जल का भराव नहीं हो पाएगा.
पोल्ट्री

Poultry Farming: मुर्गियों के बिछावन के प्रबंधन का असर मुर्गियों की सेहत और प्रोडक्शन पर पड़ता है

नई दिल्ली. सस्टेनेबल पोल्ट्री प्रोडक्शन में ‘लिटर मैनेजमेंट’ याानि मुर्गियों के बिछावन...

egg
पोल्ट्री

Poultry: मुर्गियों के फीड में बदलाव करके ओमेगा-3 वाले अंडों का लिया जा सकता है ज्यादा उत्पादन

नई दिल्ली. अंडे मुर्गियों से मिलने वाले प्रोटीन के सबसे सस्ते और...