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Egg Production: अंडा वेज है या नॉनवेज इस तरह करें चेक, जानें कैसे काम करता है डिब्बा कैंडलर

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प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली. गांवों में पारंपरिक मुर्गी पालन के तरीके में मुर्गियों से हासिल सभी अंडे मुर्गियों के नीचे सेने के लिए रख दिए जाते हैं. इस प्रकार मुर्गी इन अंडो को, नेचुरल तरीके से सेने का काम करती है, जिससे 21 दिनों के बाद चूजे निकलते हैं. आपको बता दें कि दो तरह के होते हैं, शाकाहारी और मांसाहारी. शाकाहारी अंडे मादा पक्षियों द्वारा नर पक्षी की गैरमौजूदगी में दिए जाते हैं. इनमें भ्रूण (बच्चा) नहीं होता. मादा पक्षियों को नर से प्रजनन कराने के बाद मांसाहारी अंडे हासिल होते हैं, जिनमें भ्रूण मौजूद रहता है. इस तरह के अंडो से, मुर्गी के नीचे 21 दिनों तक रखने के बाद चूजे निकलते हैं.

मुर्गी द्वारा सेने के लिए अंडों को मुर्गियों के नीचे रखने से पहले भ्रूण परीक्षण करने वाली मशीन को कैंडलर कहते हैं. आमतौर यह टिन का बेलन नुमा डिब्बा होता है, जिसके एक सिरे पर बल्ब लगा होता है और दूसरे सिरे पर एक छेद होता है. जमीन पर अंधेरे कमरे में कैंडलर के बल्ब को जलाकर, दूसरे सिरे पर अंडा रखा जाता है. ध्यान से देखने पर अगर अंडे के चौड़े सिरे की ओर, अंडे के भीतर, कालापन लिए एक छोटा गोला तैरता हुआ दिखाई दे, तो वह भ्रूण-रहित यानि शाकाहारी अंडा होगा. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ये टेस्ट मुर्गी के अंडा सेने से चौथे पांचवें दिन पर करना चाहिए. जब भ्रूण इतना विकसित हो जाता है कि देखने पर पहचानना आसान होता है. यदि अंडे में भ्रूण न हो तो उसे खुद के खाने या बेचने में इस्तेमाल किया जा सकता है.

क्या होता है डिब्बा कैंडलर

  1. ग्रामीण परिवारों में आमतौरी हर घर में टिन का डिब्बा आसानी से उपलब्ध रहता है. एक साधारण टिन के डिब्बे को लेकर असमें छैनी-हथौड़ी की मदद से डिब्बे की गोलाई के मध्य में एक लगभग 3 सेमी व्यास का गोला काटें.
  2. डिब्बे के निचले सिरे पर बल्ब के होल्डर जितने साइज का गोला काटकर उसमें होल्डर फिट करें और बिजली कनेक्शन से जोड़ते हुए बल्ब जलाएं.
  3. इस डिब्बे को जमीन पर रखने के लिए एक स्टैंड भी बनाया जा सकता है. या फिर डिब्बे को ऐसे ही रखा जा सकता है.

इस तरह से करें टेस्ट

  1. बिजली न होने की स्थिति में एक बार में 10-15 तक अंडों का भ्रूण-परीक्षण करने के लिए टॉर्च का इस्तेमाल भी किया जा सकता है.
  2. इस काम के लिए साधारण पाउडर या टिन का लंबा सा डब्बा ले लें और नीचे की पेंदी निकालकर ऊपरी सतह पर एक छेद कर दें इस टार्च को जला कर डिब्बे के अन्दर रख दें.
  3. कार्डबोर्ड (गत्ता) को गोलाई में मोड़कर टॉर्च के आकार का बना लें. कार्डबोर्ड का एक ढक्कन बना कर उसमें ऊपरी सिरे पर अंडा परीक्षण के लिए एक छेद बनायें.
  4. अब टॉर्च को कार्डबोर्ड या पाउडर या टिन के डिब्बे के अन्दर जलाकर रखें तथा ऊपर से छेद वाले ढक्कन को लगाकर टॉर्च की रोशनी में अंडो का भ्रूण परीक्षण करें.
  5. किसी भी कैंडलर का नियमित उपयोग से पहले, इस तरीके की अच्छे से प्रैक्टिस करना बेहद ही जरूरी है.
Written by
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