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Maize: मक्का के उत्पादन को बढ़ाने के लिए रिसर्च पर मंत्री ने दिया जोर, आईसीएआर की तारीफ की

पोल्ट्री समिट में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह व अन्य लोग.

नई दिल्ली. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली में भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) द्वारा आयोजित 11वें भारत मक्का समिट-2025 का शुभारंभ के मौके पर मक्का उत्पादन के क्षेत्र में नवाचार एवं उत्कृष्ट योगदान देने वाले किसानों को सम्मानित किया. केंद्रीय मंत्री ने यहां कहा कि कृषि आज भी भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान उसकी आत्मा, उसके प्राण व किसानों की सेवा मेरे लिए भगवान की पूजा है, ये मेरे लिए मूल मंत्र है. इसलिए, जब यहां कहा जा रहा था कि मक्के को एक ताकत के रूप में स्थापित करना है, मुझे तो किसान को एक ताकत के रूप में स्थापित करना है, उसमें मक्का भी सहयोगी हो.

उन्होंने कहा कि सरकार की नीति है कि देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना, किसानों की आमदनी बढ़ाना, खेती को लाभ का धंधा बनाना, पोषणयुक्त आहार कैसे हमारी जनता को मिले, उसकी कोशिश करना तथा एक और लक्ष्य है हमारा कि ये धरती केवल हमारे लिए नहीं है, आने वाली पीढ़ियों का भी इस पर हक है, इसलिए हम कोशिश ये करें कि आने वाली पीढ़ियों के लिए धरती अन्न पैदा करती रहे. कहीं ऐसा न हो कि हम अधिकतम उत्पादन के चक्कर में इसका इतना शोषण कर लें कि बाद में वो बंजर होने की दिशा में बढ़ जाएं. आने वाली पीढ़ियों का भी ख़याल रखना है.

बढ़ गया है उत्पादन
शिवराज सिंह ने कहा कि मक्का में अभी कई चीजों की जरूरत है. मक्का तीसरी सबसे बड़ी क्रॉप हो गई है, पर प्रोडक्टिविटी बढ़ाना हैं. स्टार्च कम है, कई तरह के शोध की जरूरत है. अमेरिका, ब्राजील में कितना मक्का उत्पादन होता है. हम जीएम सीड्स का इस्तेमाल नहीं करते, इसके बावजूद उत्पादन बढ़ाया जा सकता है. हमने वैज्ञानिकों को निर्देश दिए हैं कि मक्का में उत्पादन कैसे बढ़े, क्योंकि 1990 के दशक में केवल 10 मिलियन टन उत्पादन था, अब ये बढ़कर लगभग 42.3 मिलियन टन तक पहुंच गया है और आगे ये 86 मिलियन टन पहुंच सकता है 2027 तक. अभी हमारी जो एवरेज प्रोडक्टिविटी है 3.78 टन प्रति हेक्टेयर, कुछ राज्यों- बंगाल, बिहार में प्रोडक्टिविटी एवरेज से ज्यादा है. ओवरऑल अभी और बढ़ाने की जरूरत है. ये अलग बात है कि कुछ किसान बहुत अच्छा काम कर रहे हैं, जिनसे शिवराज सिंह ने अन्यों को भी शिक्षित करने में मदद का अनुरोध किया.

लागत घटाने पर करना होगा काम
मंत्री चौहान ने कहा कि हमें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद को भी धन्यवाद देना चाहिए कि मक्का की कई नई किस्में-265 वैरायटी विकसित की हैं, जिनमें से 77 हाइब्रिड किस्में भी हैं, जिसमें स्पेशलिटी कॉर्न शामिल है और करीब 30 बायोफॉर्टिफाइड भी हैं, यानी काम हुआ है, लेकिन मुझे लगता है काम और करने की जरूरत है. शिवराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार ने भी कसर नहीं छोड़ी है. बीच में मक्का के रेट काफ़ी गिर गए थे, लेकिन एमएसपी, एथनॉल लक्ष्य सहित सरकार की नीतियों से दाम फिर बढ़े हैं. मक्का के किसानों को ठीक दाम मिले, इसकी हम कोशिश करते रहेंगे. उत्पादन लागत कैसे घटे, इसके भी निर्देश दिए हैं. रिसर्च करके प्रति हेक्टेयर हम कैसे लागत घटा सकते हैं, इस दिशा में भी काम करना पड़ेगा.

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