नई दिल्ली. हम सब जब कोई भी काम करते हैं तो पहले उसका फायदा देखते हैं. पशुपालन कर रहें हैं तो ये देखना और भी जरूरी है. क्योंकि इससे इनकम जुड़ी हुई होती है. पशुपालन में कृत्रिम गर्भाधान (Artificial Insemination) बेहद ही अहम है. इसका कई फायदा भी है. जैसे इसके जरिए बेहतरीन नस्ल के सांडों के सीमन का उपयोग करके अच्छी क्वालिटी वाले बछड़े-बछड़ियां हासिल किए जा सकते हैं. इससे दूध उत्पादन में बहुत ज्यादा इजाफा होगा. अगर ऐसा होता है तो फिर पशुपालन में आपको इसका फायदा मिलेगा.
एक्सपर्ट का कहना है कि कृत्रिम गर्भाधान का फायदा तभी मिलता है जब सही समय का चुनाव किया जाए. इसके बिना इसका फायदा नहीं मिलने वाला है. अगर आपको इसके बारे में जानकारी नहीं तो यहां हम आपको इसी के बारे में बताएंगे.
गर्भधारण की संभावना बढ़ जाती है
हीट वह अवस्था है जब मादा पशु गर्भधारण के लिए तैयार होता है. इसी समय AI कराने से गर्भधारण की संभावना सबसे ज्यादा होती है.
हीट सही वक्त तो है लेकिन के प्रमुख लक्षण के बारे में भी पता होना चाहिए, तभी आप सही समय का पता लगाकर एआई करा पाएंगे.
हीट में आते ही पशु बार-बार रंभाने लग जाता है.
दूसरे पशुओं पर चढ़ना शुरू कर देता है या चढ़ने देने की अजादी देता है.
योनि से साफ, चिपचिपा पदार्थ निकलने लग जाता है.
बेचैनी होती है और इधर-उधर घूमना शुरू कर देता है.
दूध में हल्की कमी आना स्वाभाविक है.
गाय में A.I. का सही समय (AM-PM नियम) है.
अगर गाय सुबह हीट में दिखाई दे (लगभग 6 बजे सुबह से 6 बजे शाम तक).
अगर गाय शाम को हीट में दिखाई दे (लगभग 6 बजे शाम से 6 बजे सुबह तक).
हीट में आने के 12 घंटे बाद ही एआई कराएं.
यानी हीट शुरू होने के लगभग 12 घंटे बाद A.I. कराना सबसे उपयुक्त माना जाता है.
वहीं भैंस में हीट के लक्षण गाय की तुलना में कम स्पष्ट और लबे समय तक दिखाई देते हैं. (लगभग 12-24 घंटे या अधिक).
हीट के 12-18 घंटे बाद A.I. कराएं.
यानि हीट दिखने के अगले दिन सुबह या शाम करा सकते हैं.
हीट के अंतिम चरण में A.I. कराना सबसे उत्तम होता है.
महत्वपूर्ण बातों पर भी ध्यन दें
हीट के लक्षण ध्यान से देखें और समय नोट करें.
पशु को साफ-सुथरा और तनावमुत्तत वातावरण दें.
A.I. प्रशिक्षीत तकनीशियन से ही कराएं.
पोषण संतुलित स्खें, खनिज एवं विटामिन दें.
गर्भधारण जांच 60-90 दिन बाद कराएं.
निष्कर्ष
एआई से गर्भधारण की संभावना अधिक होती है. बार-बार A.I. का खर्च कम हो जाता है. बछड़ा या फिर बछिया स्वस्थ पैदा होता. दूध उत्पादन में वृद्धि होती है. समय और मेहनत की बचत होती है. वहीं गलत समय पर A.I. कराने से गर्भधारण की संभावना कम हो जात और आर्थिक नुकसाना होता.











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