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Poultry Farming: बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग में ज्यादा उत्पादन के लिए वैज्ञानिक तरीके अपनाएं

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पोल्ट्री फॉर्म में मौजूद मुर्गे—मर्गियां. live stock animal news

नई दिल्ली. पोल्ट्री फार्मिंग के बिजनेस से इस वक्त बहुत से लोग जुड़े हैं और अच्छी कमाई भी करते हैं. इस काम से न सिर्फ उन्हें कमाई हो रही है, बल्कि दूसरों को रोजगार भी मुहैया करा रहे हैं. एक्सपर्ट कहते हैं कि बहुत से किसान अपने घरों में बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग करते हैं, लेकिन उन्हें उतना अच्छा उत्पादन नहीं ​मिलता, क्योंकि वो वैज्ञानिक तरीके से पोल्ट्री फार्मिंग नहीं करते हैं. यदि बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग में भी वैज्ञानिक तरीके अपनाए जाएं तो उत्पाद और मुनाफा ज्यादा होगा.

हाल ही में केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान, इज्जतनगर में अनुसूचित जनजाति विकास कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित तीन दिवसीय बैकयार्ड कुक्कुट पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 जुलाई से 17 जुलाई 2026 तक आयोजित किया गया, जिसमें ग्राम नदन्ना, विकास खंड खटीमा, जनपद ऊधम सिंह नगर (उत्तराखंड) से अनुसूचित जनजाति वर्ग के 38 लोगों ने सहभागिता निभाई.

संतुलित आहार भी बांटा
संस्थान के निदेशक डॉ. जगबीर सिंह त्यागी ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर कहा कि बैकयार्ड कुक्कुट पालन ग्रामीण एवं जनजातीय परिवारों के लिए आय सृजन, पोषण सुरक्षा तथा महिला सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम है.

बोले कि संस्थान की ओर से निरंतर तकनीकी सहयोग का आश्वासन दिया. परियोजना की अन्वेषक डॉ. दिव्या ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का संक्षिप्त विवरण भी दिया.

बताया कि तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग की वैज्ञानिक तकनीकों, संतुलित आहार, आवास प्रबंधन, स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण तथा स्वच्छ प्रबंधन से संबंधित सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई.

साथ ही साथ प्रशिक्षुओं ने भी प्रशिक्षण से संबंधित अपना अनुभव साझा किया। डॉ. चन्द्र देव ने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त वैज्ञानिक जानकारियों को अपने गांवों में व्यवहारिक रूप से अपनाने का आग्रह किया.

उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति से बैकयार्ड कुक्कुट पालन अपनाकर सीमित संसाधनों में भी बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है.

जबकि डॉ. एमपी सागर ने अपने समापन संबोधन में प्रतिभागियों को बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग को सिर्फ घरेलू आवश्यकता तक सीमित न रखकर इसे व्यावसायिक स्तर तक विकसित करने के लिए प्रेरित किया.

साथ ही बैकयार्ड कुक्कुट पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पात्र 47 लाभार्थियों में प्रत्‍येक को 26 चिक्‍स, पोल्ट्री हट, 30 किलोग्राम संतुलित पोल्ट्री फीड बांटा गया.

इसके अलावा पानी का बर्तन, 2 टब तथा 1 किलो ग्राम का मिनरल मिक्सचर का पैकेट वितरित किया गया. जिससे वे अपने स्तर पर वैज्ञानिक पद्धति से बैकयार्ड कुक्कुट पालन प्रारंभ कर सकें.

Written by
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