नई दिल्ली. बकरी को गरीबों की गाय और एटीएम तक कहा जाता है. बहुत से किसान बकरी पालन करते हैं. हालांकि वो बड़े पैमाने पर इस काम को नहीं करते हैं. एक-दो बकरी अपने घर पालते हैं और जब पैसों की जरूरत पड़ती है तो उन्हें बेचकर कमाई कर लेते हैं. एक्सपर्ट कहते हैं कि किसान अगर बकरियों की संख्या बढ़ा लें और वैज्ञानिक तरीकों से बकरी पालन करें तो फिर इस काम से पैसा बरसने लगेगा. इससे किसानों की इनकम में कई गुना इजाफा हो जाएगा. जबकि सरकार भी यही चाहती है.
सरकारी पशुपालन को बढ़ावा देना चाहती है. इसी कड़ी में बिहार सरकार के पशुपालन विभाग की बकरी एवं भेड़ विकास योजना शुरू की है. जिससे पशुपालक या फिर किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं. असल में विभाग द्वारा गरीब तबके के पशुपालकों को तीन-तीन बकरी का वितरण किया जा रहा है. ताकि वो बकरी पालन के काम में आगे आकर अच्छी कमाई कर सकें.
तीन-तीन बकरी दी गई
जिला पशुपालन पदाधिकारी डा. प्रमोद कुमार मेहता ने कहा कि पहले चरण में प्राणपुर प्रखंड मुख्यालय के पशु चिकित्सालय में 25 परिवारों के बीच तीन-तीन बकरी का वितरण किया गया है.
उन्होंने बताया कि पशुपालकों के बीच उन्नत नस्ल की बकरी का वितरण किया जा रहा है. ताकि उन्हें बेहतर उत्पादन मिल सके.
रोस्टर के आधार पर अन्य प्रखंडों में भी चयनित किसानों के बीच बकरी का वितरण किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा बकरी व भेड़ पालन को लेकर पशुपालकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है.
विभाग द्वारा इसको लेकर कई तरह की योजना भी चलाई जा रही है. छोटे किसान खेती के साथ पशुपालन कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो सकेंगे.
जिला पशुपालन पदाधिकारी ने बताया कि पशुओं को विभिन्न तरह की बीमारियों से बचाव को लेकर सभी पंचायतों में टीकाकरण अभियान भी चलाया जा रहा है.
उन्होंने पशुपालकों से अपने मवेशियों का टीकाकरण कराने की अपील की.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बिहार सरकार द्वारा राज्य में पशुपालन को बढ़ावा देने और किसानों व गरीब परिवारों की आय बढ़ाने के लिए ये योजना चलाई जा रही है.
इसके तहत उन्नत नस्ल की बकरियों के वितरण तो किया ही जा रहा है. साथ ही व्यावसायिक फार्म (शेड) की स्थापना पर 80 फीसद से 90 फीसद तक का भारी अनुदान (Subsidy) भी दिया जा रहा है.
निष्कर्ष
बकरी पालन बेहतरीन काम है और यदि आप इस काम को करते हैं तो बकरी पालन के काम में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.









