Home पशुपालन Agroforestry: कर्ज में डूबा था पंजाब का किसान, अब भेड़ पालन और एग्रोफोरेस्ट्री से कमा रहा करोड़ों रुपए
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Agroforestry: कर्ज में डूबा था पंजाब का किसान, अब भेड़ पालन और एग्रोफोरेस्ट्री से कमा रहा करोड़ों रुपए

नई दिल्ली. खेती के साथ-साथ यदि पशुपालन भी किया जाए तो बहुत फायदा मिलता है. इससे किसानों की इनकम दोगुना हो सकती है. सरकार भी चाहती है कि किसानों की इनकम बढ़ जाए और इसलिए कृषि करने वाले किसानों को पशुपालन करने के प्रति भी प्रेरित कर रही है. वहीं किसान चाहें तो पशुपालन के साथ एग्रोफोरेस्ट्री कर सकते हैं. एग्रोफोरेस्ट्री को अगर सरल भाषा में समझें तो खेतों में फसल के साथ-साथ पेड़-पौधे और झाड़ियां उगाना है. इसमें एक ही खेत में फसल उत्पादन, पशुपालन और पेड़ लगाना शामिल होता है. इससे अच्छा फायदा होता है.

पंजाब राज्य के फाजिल्का के किसान हरभिंदर सिंह संधू ने बार-बार फसल और डेयरी में नुकसान के बाद खेती का तरीका बदला और हार मानने की बजाय विविधीकरण को चुना. एग्रोफोरेस्ट्री के तहत भेड़ पालन और पेड़ को अपनाया. एक समय परिवार पर लगभग 5-6 करोड़ का कर्ज था, लेकिन नए मॉडल को अपनाने के बाद अब अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं.

भेड़ पालन की शुरुआत
▶️ 2021 में आठ वयस्क भेड़ें लगभग 70 हजार रुपए में उन्होंने खरीदी.

▶️ धीरे-धीरे प्रजनन और मुनाफे का पुनर्निवेश किया.

▶️ आज उनके पास लगभग एक हजार भेड़ें हैं.

▶️ करीब 600 प्रजनन पशु हैं और 400 मौसमी चराई वाली भेड़े हैं.

कमाई के कई रास्ते हैं
▶️ 400-500 मांस और चराई वाले पशुओं की वार्षिक बिक्री करते हैं.

▶️ कुछ नर 1-1.5 क्विंटल के होत हैं और 1 लाख से अधिक में बिकते हैं.

▶️ लगभग 50-60 लाख वार्षिक पशु बिक्री से उनकी इनकम होती है.

▶️ ये छोटे किसान के लिए सीख है कि छोटे से शुरू करें और आगे बढ़ें.

▶️ 10 प्रजनन भेड़ 1 मेटे जैसे मॉडल को स्थानीय विशेषज्ञ से समझें.

अच्छी नस्ल और स्वस्थ पशु चुनें
▶️ टीकाकरण, कृमिनाशन, रिकॉर्ड और प्रजनन प्रबंधन रखें.

▶️ आय का हिस्सा फिर से झुंड में लगाएं.

▶️ चारा और पेड़ साथ विकसित करें.

▶️ बाजार और लागत का हिसाब रखें.

एग्रोफॉरेस्ट्री की शुरुआत की
▶️ 2018 में 5-6 एकड़ से एग्रोफॉरेस्ट्री की शुरुआत की

▶️ लगभग 6 वर्षों में करीब 30 एकड़ तक विस्तार हुआ.

▶️ हर साल लगभग 5 एकड़ के पेड़ कटाई होती है. 45-50 लाख रुपए प्रति वर्ष है.

▶️ पेड़ मिट्टी-पानी संरक्षण, हरियाली और चारे अंतरवतीं फसल में मदद करते हैं.

निष्कर्ष
यह एक किसान की प्रकाशित सफलता-कहानी है. इससे आप भी सीख लें और कृषि पर निर्भर हैं तो इस नए मॉडल को अपनाकर अपनी इनकम को आप बढ़ा सकते हैं. सरकार से भी मिल मिल सकती है.

Written by
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