Home डेयरी ‘NDDB की प्राथमिकता पशु उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार करना है’
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‘NDDB की प्राथमिकता पशु उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार करना है’

वर्कशॉप में मौजूद मेहमान.

नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड NDDB के चेयरमैन डॉ. मीनेश शाह ने आनंद में “वन हेल्थ और पशु कल्याण” पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन किया. इस वर्कशॉप में मानव, पशु और पर्यावरण स्वास्थ्य के आपसी संबंधों पर चर्चा करने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के हितधारकों को एक साथ लाया गया. अपने शुरुआती भाषण में, उन्होंने ‘वन हेल्थ’ के महत्व और इस क्षेत्र में NDDB के लंबे समय से चल रहे कार्यों पर प्रकाश डाला. इसमें पशु और मानव स्वास्थ्य के लिए टीके (vaccines) विकसित करने में NDDB की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, इंडियन इम्यूनोलॉजिकल लिमिटेड की भूमिका भी शामिल थी.

उन्होंने आगे बताया कि ‘ऑपरेशन फ्लड’ और भारत के दुनिया के सबसे बड़े दूध उत्पादक देश के रूप में उभरने के बाद, प्राथमिकता दूध उत्पादन बढ़ाने से हटकर पशु उत्पादकता बढ़ाने और गुणवत्ता में सुधार करने की ओर चली गई.

मीथेन उत्सर्जन भी होगा कम
▶️ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पशु उत्पादकता बढ़ाने के लिए पशु पोषण, पशु प्रजनन, पशु स्वास्थ्य और पशु कल्याण सभी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं.

▶️ कहा कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड इस दिशा में व्यापक रूप से काम कर रहा है.

▶️ उन्होंने यह भी बताया कि सेक्स-सॉर्टेड सीमेन (sex-sorted semen), जीनोमिक चिप्स के विकास और भारत सरकार द्वारा लागू किए जा रहे हैं.

▶️ RGM जैसे विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से पशु उत्पादकता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है. जिसका फायदा पशुपालकों को भी हुआ है.

▶️ ‘वन हेल्थ’ के तीसरे स्तंभ पर्यावरण पर रोशनी डालते हुए उन्होंने कहा कि पशु उत्पादकता में सुधार बेहद ही जरूरी है.

▶️ इसका एक बड़ा फायदा ये भी है कि इससे मीथेन उत्सर्जन को कम करने में बड़ी कामयाबी हासिल की जा सकती है.

▶️ उन्होंने उम्मीद जताई कि यह दो दिवसीय कार्यशाला नए विचार, शोध से जुड़ी जानकारियां और ठोस सिफारिशें सामने लाएगी.

▶️ दूसरी ओर जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) की जापानी सर्वे टीम के टीम लीडर ताकामासा नोरो और बायोगैस लैब (BGL) के CEO डॉ. ताकाओ मिसाकी के नेतृत्व में भारत पहुंची.

▶️ एक प्रतिनिधिमंडल ने NDDB के चेयरमैन डॉ. मीनेश शाह से बैठक की. इस बैठक का मकसद ‘क्विक स्टार्ट प्रोजेक्ट’ (QSP) शुरू करने पर चर्चा करना था.

▶️ इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य वैज्ञानिक सर्वे और फील्ड ट्रायल के जरिए गाय के गोबर से बायोगैस और ऑर्गेनिक फर्टिलाइज़र का एक ऐसा इकोसिस्टम बनाना है जिसे बड़े पैमाने पर लागू किया जा सके.

Written by
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