नई दिल्ली. गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना ने 18 सितंबर को ‘पशु पालन मेला’ के पहले दिन तीन पशुपालकों को मुख्यमंत्री पुरस्कार से सम्मानित किया. इस मौके पर एक्सटेंशन एजुकेशन के डायरेक्टर डॉ. रविंदर सिंह ग्रेवाल ने कहा कि वेटरनरी यूनिवर्सिटी अपने एक्सटेंशन प्रोग्राम को मजबूत करके राज्य में पशुपालन क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. विभिन्न श्रेणियों के पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए, यूनिवर्सिटी अलग-अलग पशुपालन प्रणालियों की उत्पादकता और लाभप्रदता को बेहतर बनाने में नई तकनीकों को अपनाने के स्तर और प्रभाव का आकलन करके इनोवेटिव प्रतियोगिताएं आयोजित करती है.
उन्होंने बताया कि श्री सुरजीत सिंह के बेटे एस. बलविंदर सिंह (गांव चौंतरा, जिला श्री मुक्तसर साहिब) को ‘इनोवेटिव कैटल फार्मर’ (नवाचारी पशुपालक) श्रेणी में सम्मानित किया गया. उनका एक अच्छी तरह से प्रबंधित डेयरी फार्म है, जिसमें आधुनिक मशीनीकरण, ब्रीडिंग प्रोग्राम और रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था है.
किस लिए मिला अवार्ड
उनके फार्म में लगभग 90 गायें, बछिया और अच्छी नस्ल के जानवर हैं, जिनसे रोजाना लगभग 12 क्विंटल दूध का उत्पादन होता है.
फार्म में एक आधुनिक मिल्किंग पार्लर है ताकि कम से कम मानवीय संपर्क के साथ अच्छी गुणवत्ता वाले दूध का उत्पादन सुनिश्चित किया जा सके.
श्री चमन लाल के बेटे श्री राजेश गर्ग (जिला संगरूर) को ‘इनोवेटिव पोल्ट्री फार्मर’ (नवाचारी पोल्ट्री किसान) श्रेणी में सम्मानित किया गया.
उनका पोल्ट्री फार्म 15 एकड़ में फैला है और इसमें पर्यावरण-नियंत्रित शेड में 4,50,000 लेयर मुर्गियां और 2 लाख चूजे व ग्रोअर मुर्गियां हैं.
पर्यावरण के अनुकूल वेस्ट मैनेजमेंट तकनीक अपनाने के लिए पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने उनके काम को मान्यता दी है.
वे पास के अस्पताल में मरीजों को पोषण संबंधी सहायता देकर समाज की सेवा भी करते हैं.
पशुपालन उत्पादों में वैल्यू एडिशन (मूल्य संवर्धन) की श्रेणी में, तरनतारन जिले के हरिके के रहने वाले एस. जरनैल सिंह (एस. जसवंत सिंह के बेटे) ने पुरस्कार जीता.
वे लगभग 50,000 लीटर दूध की क्षमता वाली दूध प्रोसेसिंग यूनिट चलाते हैं.
वे दूध की प्रोसेसिंग और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स व मिठाइयां बनाने के लिए वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल करते हैं, साथ ही बाय-प्रोडक्ट्स (उप-उत्पादों) की बिक्री भी करते हैं.
इस समारोह में एक प्रगतिशील किसान और फीड मिलर, मनदीप सिंह खट्टरा को भी पशुपालन क्षेत्र में उनकी बेहतरीन सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया.
होशियारपुर की उन्नति कोऑपरेटिव के श्री ज्योति स्वरूप को भी सम्मानित किया गया.
डॉ. ग्रेवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री के इन पुरस्कारों में नकद राशि के साथ-साथ एक पट्टिका, शॉल और प्रशस्ति-पत्र भी दिया जाता है.
मवेशी श्रेणी के लिए नकद पुरस्कार 21,000 रुपये, पोल्ट्री श्रेणी के लिए 11,000 रुपये और पशुपालन उत्पादों में वैल्यू एडिशन के लिए 11,000 रुपये है.












