नई दिल्ली. पोल्ट्री फार्मिंग (Poultry Farming) में चूजों की सही तरह से देखभाल बेहद जरूरी है. क्योंकि इससे आपको पोल्ट्री फार्मिंग फायदा होगा. जब अंडों से चूजों बाहर आते हैं तो उनका ठीक तरह से ख्याल रखना चाहिए. ताकि उनकी मौत न हो और वो अच्छी तरह से पलें और आपको बेहतर प्रोडक्शन दें. इसके लिए ये जरूरी है कि आप जान लें कि चूजों का अंडों से बाहर आने के बाद किस तरह से ख्याल रखना है और उन्हें क्या खिलाना है. खासतौर पर पहले दिन उन्हें क्या देना है, इसकी जानकारी होना बेहद ही जरूरी है. तभी पोल्ट्री फार्मिंग में आप कमाई अच्छी कर पाएंगे.
सबसे जरूरी तो ये है कि चूजों को सुरक्षित रखा जाए. शिकारियों से बचाव किया जाए. इसके लिए देसी मुर्गियों के अंडे से चूजे निकलने के बाद उन्हें तुरंत बाहर खुला नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि छोटे चूजे तेज भाग नहीं पाते और कुत्ता, बिल्ली, सांप या नेवला उन्हें आसानी से शिकार बना लेता है.
इस तरह से करें ख्याल
▶️ वहीं चूजों को उनकी मां (मुर्गी) के साथ कम से कम 1 से 1.5 महीने तक किसी कमरे या सुरक्षित पिंजरे में बंद करके ही रखें.
▶️ जब चूजे अच्छी तरह से मजबूत और समझदार हो जाएं, तभी उन्हें बाहर खुला छोड़ें. ताकि वो खुद को भी सेफ करने में सक्षम हो जाएं.
▶️ शुरुआती खान-पान (फीडिंग शेड्यूल) की बात करें तो उनका पहला पेय गुड़ और पानी होना चाहिए.
▶️ चूजे निकलने के बाद कमरे या पिंजरे में रखने पर सबसे पहले 1 से 1.5 घंटे तक उन्हें गुड़ का पानी पीने के लिए दें.
▶️ पहले फीड के तौर गुड़ पानी देने के 1 से 1.5 घंटे बाद बारीक पिसा हुआ मक्के का दलिया खाने के लिए देना चाहिए.
▶️ प्री-स्टार्टर दाना वैकल्पिक हो सकता है. यदि मक्का उपलब्ध न हो, तो प्री-स्टार्टर दाने में 50 फीसद चावल की कनकी (टूटा चावल) मिलाकर पहले 2 दिनों तक खिलाएं.
▶️ 2 दिन बाद से 15वें दिन तक केवल प्री-स्टार्टर दाना ही चूजों को देना चाहिए.
▶️ 15 दिन पूरे होने के बाद देसी मुर्गियों का स्टार्टर दाना देना शुरू करें.
▶️ सप्लीमेंट्स में विटामिन और कैल्शियम भी दें. चूजों के तेजी से विकास और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए ये जरूरी है.
▶️ हफ्ते में लगातार 3 दिन शाम के समय पानी में विटामिन मिलाकर दें.
▶️ इसके बाद अगले 3 दिन कैल्शियम पानी में मिलाकर दें.
▶️ जब चूजे 1 से 1.5 महीने के हो जाएं, तब उन्हें फ्री-रेंज में (बाहर खुला) छोड़ सकते हैं.
निष्कर्ष
इस उम्र के बाद दाने का खर्च घटाने के लिए उन्हें घर का बना दाना, धान, चावल, मक्का, बाजरा और हरा चारा दिया जा सकता है. ये काम भी जरूर करें. क्योंकि इससे पोल्ट्री फार्मिंग में मुनाफा बढ़ाया जा सकता है.










