नई दिल्ली. मध्य प्रदेश सरकार राज्य को मिल्क कैपिटल बनाना चाहती है. ताकि राज्य दूध उत्पादन में नंबर वन बने और दूध उत्पादक किसानों को इसका फायदा मिले. इसी कड़ी में सरकार की तरफ कई योजनाएं भी चलाई जा रही हैं. इतना नहीं कुछ अभियान के जरिए दूध उत्पादन से कमाई के तरीके और दूध उत्पादन कैसे बढ़ाया जाए, इसके बारे में भी घर—घर जाकर जानकारी दी जा रही है. वहीं सरकार की ओर से लगाई गई टीम गोरस एप के बारे में भी पशुपालकों को बता रही है. ताकि इसका फायदा उठाकर किसान दूध उत्पादन बढ़कार फायदा उठा सकें.
दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के तीसरे चरण के तहत अलग—अलग जिलों में टीम पशुपालकों से मिल रही है और उन्हें जरूरी जानकारी दे रही है. इंदौर जिले की AVFO नम्रता यादव ने पशुपालक दीदियों से संवाद कर उन्हें गोरस ऐप, पशु पोषण, संतुलित आहार एवं उन्नत नस्ल सुधार की जानकारी दी.
दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान का चल रहा तीसरा चरण
दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान के तहत बताया जा रहा है कि बेहतर दूध उत्पादन के लिए पशुओं को कीड़े मारने की दवा देना जरूरी है.
पशुओं की समय-समय पर इसकी दवा दें और पशु चिकित्सालय पर इसके लिए दवा उपलब्ध हो जाती है. वही कैंप में भी इसके लिए दवा दी जाती है.
इसके अलावा वैक्सीनेशन पर भी बहुत ज्यादा ध्यान देना चाहिए. सरकार के जरिए वैक्सीनेशन का जो रोस्टर तैयार किया गया है, अगर उसके मुताबिक वैक्सीन लगाई जाती है तो फिर पशुओं बीमारियों से बचाने में आसानी होती है.
इसके अलावा नस्ल सुधार भी बेहद जरूरी है. तभी ज्यादा दूध का उत्पादन मिलता है.
इसके लिए गाय भैंस में जो सीमेन का इस्तेमाल किया जाए वो उन्नत नस्ल के बैल से हासिल सीमेन होना चाहिए. इसके इस्तेमाल से फायदा मिलेगा.
दूध उत्पादन लेने के लिए पशुओं को सही तरह से चारा भी देना जरूरी होता है. इसके लिए पशुपालक गोरस अप कभी इस्तेमाल कर सकते हैं. जिससे पता चल जाएगा की कितना चारा कि पशु के लिए जरूरी है.









