नई दिल्ली. मछली पालन एक बेहतरीन काम है और इससे खूब कमाई की जा सकती है. यही वजह है कि बिहार सरकार भी मछली पालन को बढ़ावा देने का काम कर रही है. इसी कड़ी में बिहार सरकार के मत्स्य एवं पशुपालन मंत्री नंदकिशोर राम ने खैरा प्रखंड स्थित गरही डैम का दौरा कर मत्स्य विभाग द्वारा संचलित मत्स्य पालन कार्यों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि गरही डैम को और विकसित किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे.
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने विभागीय अधिकरियों से मछली उत्पादन, रख रखाव और भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली. उन्होंने अधिकारियों को मत्स्य उत्पादन बढ़ाने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए.
ग्रामीण अर्थव्यवस्था होगी मजबूत
मंत्री ने कहा कि सरकार मत्स्य पालन को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है.
गरही डैम को विकसित करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि क्षेत्र के युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार उपलब्ध हो सके.
इस अवसर पर भाजपा नेता डुगडुग सिंह समेत विभाग के कई अधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे.
बता दें कि डैम के जरिए मछली पालन को बढ़ावा देने की बात की जाए तो डैम एक विशाल जल भंडार होता है, जो मछली पालन के लिए बेहद ही फायदेमंद होता है.
यहां केज कल्चर से मछली पालन कर सकते हैं. यानी पानी में तैरते हुए पिंजरे में मछली पालन किया जाता है.
पेन कल्चर का भी उपयोग करके भारी मात्रा में मछलियों का उत्पादन लिया जा सकता है. जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और इनकम के सोर्स विकसित होते हैं.
आपको बता दें कि डैम बहुत बड़े क्षेत्र में फैले होते हैं. जहां मछलियों को प्राकृतिक भोजन पल्लवक प्रचुर मात्रा में मिल जाता है.
इससे मछलियों का शारीरिक विकास तेजी से होता है. उन्हें अलग से ज्यादा दाना खिलाने की जरूरत भी नहीं पड़ती है.
डैम में मछली पालन से स्थानीय मछुआरे और आसपास के गांव में रहने वाले लोगों को सीधे रोजगार मिलता है.
ये क्षेत्र के आर्थिक विकास और प्रोटीन से भरपूर भोजन की उपलब्धता को मजबूत करता है, जिससे फायदा मिलता है.
निष्कर्ष
यदि आप इस काम को करते हैं तो फिर मछली पालन में खूब फायदा मिलता है. वहीं सरकार भी डैम में मछली पालन को बढ़ावा देकर किसानों की आय को बढ़ाना चाहती है.










