नई दिल्ली. बिहार के कटिहार जिले में मत्स्य विभाग की ओर से दो ट्रकों में भरकर ले जाई जा रही 50 क्विंटल प्रतिबंधित चाइनीज थाई मांगुर मछली को जब्त करने की कार्रवाई की गई है. ये एक्शन कटिहार जिले के रौतारा टोल प्लाजा के पास हुआ है. मछलियों को पश्चिम बंगाल के कोलकाता से पूर्णिया ले जाया जा रहा था. जिसकी सूचना जिले के मत्स्य विभाग को मिली. जिसके बाद पुलिस की संयुक्त टीम के साथ इस मामले में कार्रवाई की गई है. बताया जा रहा है कि तीन तस्करों को भी प्रतिबंधित मछली ले जाने के आरोप में हिरासत में लिया गया है.
जब्त की गई मछली की बाजार की कीमत की बात की जाए तो तकरीबन पांच लाख रुपए बताई जा रही है. बता दें कि सरकार की ओर से चाइनीज थाई मांगुर मछली को प्रतिबंधित किया गया है. बावजूद इसके इस मछली को कोलकाता से पूर्णिया ले जाया जा रहा था. जिसकी सूचना कटिहार जिले के मत्स्य विभाग की टीम को मिली और पुलिस की संयुक्त टीम के साथ मछलियों को जब्त कर लिया गया और तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है.
सबसे पहले केरल ने लगाया था प्रतिबंध
▶️ आपको बता दें कि भारत सरकार ने पर्यावरण और सेहत के लिए चीनी थाई मांगुर मछली को प्रतिबंधित किया हुआ है.
▶️ इस मछली के पालन बिक्री और उत्पादन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा हुआ है. साल 1998 में केरल ने इसे बैन किया था, फिर राष्ट्रीय स्तर पर इस पर रोक लगा दी गई.
▶️ फिशरीज एक्सपर्ट का कहना है कि या मछली मांसाहारी स्वभाव की होती है, जो पानी के अंदर दूसरी देसी मछलियों को और छोटे जीवों को खाकर नष्ट कर देती है.
▶️ थाई चाइनीज मांगुर मछली के इसी स्वभाव की वजह से केरल ने सबसे पहले इस पर प्रतिबंध लगाया, ताकि जलीय संतुलन को बनाए रखा जा सके.
▶️ इतना ही नहीं इस मछली को पालने के लिए यह भी जरूरी है कि उसे सड़ती हुई चीज और गंदा खाना दिया जाए. इससे भी भारी मात्रा में तालाब के अंदर जहरीले तत्व आ जाते हैं.
▶️ नतीजे में दूसरे जलीय जीवों को बहुत ज्यादा खतरा हो जाता है. ऐसे में इस तरह की मछली पर प्रतिबंध जरूरी हो जाता है.
▶️ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस मछली के शरीर में लेड और आयरन जैसे हानिकारक तत्व उच्च मात्रा में यानि तकरीबन 80 परसेंट तक मौजूद होते हैं.
▶️ जहां ये जालीय जीव जंतुओं के लिए भी खतरनाक है तो वहीं इंसानों के लिए भी यह फायदेमंद नहीं है. इसके सेवन से इंसानों के शरीर में गंभीर रोग हो सकते हैं.










