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Poultry: जरा सी चूक से मुर्गियों को ठंड में हो जाती है ये बीमारी, लक्षण और बचाव का तरीका जानें यहां

अंडा और चिकन की बढ़ती मांग को दूर करने के लिए उत्तराखंड सरकार ने प्रयास तेज किए हैं.
प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. ठंड के मौसम में फार्म में कुछ लापरवाही की वजह मुर्गियों को बीमारी लग जाती है. खासतौर पर दिसंबर और जनवरी के महीने में होने वाली तमाम बीमारियों में मुर्गियों को सीआरडी यानी क्रॉनिक रेस्पिरेटरी डिजीज भी हो सकती है. यदि मुर्गियों को ये बीमारी हो जाती है तो उन्हें सांस लेने में दिक्कत आती है और उनकी भूख कम हो जाती है. वजन भी घटना शुरू हो जाता है. अंडे के उत्पादन में भी गिरावट आती है. इतना ही नहीं बुखार के बाद मृत्यु दर भी दिखाई देती है. जिससे पोल्ट्री फार्मिंग में बड़ा आर्थिक नुकसान होता है.

यदि आपको नुकसान से बचना है तो इस बीमार के लक्षण और बचाव के तरीके के बारे में जानना होगा. तभी ठंड में मुर्गियों को इस बीमारी से बचा पाएंगे. केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (CARI) के एक्सपर्ट की ओर से लाइव स्टॉक एनिमल न्यूज को (Livestock Animal News) इस बारे में अहम जानकारी दी गई है.

लक्षण क्या हैं
ये बीमारी मुर्गियों जब हो जाती है तो उन्हें सांस लेने में परेशानी होती है. इसकी वजह से मुर्गियां मुंह खोलकर सांस लेती हैं.

वहीं मुर्गियां खर-खर की आवाज करती हैं. कई बार मुर्गियों के चेहरे पर सूजन भी आ जाती है.

पोल्ट्री एक्सपर्ट का कहना है कि मुर्गियों की आंख से और नाक से इस बीमारी में पानी निकलने लगता है.

अगर इस तरह का लक्षण दिखाई दे तो समझ लें कि मुर्गियों को सीआरडी ने घेर लिया है.

बचाव का तरीका
अगर आप इस बीमारी से मुर्गियों को बचाना चाहते हैं तो शाम होते ही शेड के चारों ओर तिरपाल या पॉलिथीन लगा देना चाहिए.

हालांकि ऊपर की ओर थोड़ा सा हिस्सा खोलना भी है. ताकि ताजी हवा भी पोल्ट्री फार्म के अंदर आ जा सके.

मुर्गियों को बीमारी से बचने के लिए बिछावन के तौर पर धान की भूसी या लकड़ी के बुरादा को 5-6 इंच मोटा बिछाएं. ऐसा करने से मुर्गी घर के अंदर गर्मी बनी रहेगी.

साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि धान की भूसी और लकड़ी का बुरादा गीला ना हो. ऐसे में मुर्गियां बीमार हो सकती हैं.

निष्कर्ष
इस तरह के उपाय करने से आप मुर्गियों को ठंड में बीमारी से बचा पाएंगे और खुद को होने वाली आर्थिक नुकसान से भी बचा पाएंगे.

Written by
Livestock Animal News Team

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