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Shrimp Farming: खारे पानी में झींगा पालन की बारीकी समझने अफसरों की टीम पहुंची हरियाणा के सिरसा

नई दिल्ली. फिशरीज सेक्टर में संभावनाएं बहुत हैं. इससे किसानों की इनकम को बढ़ाया जा सकता है. जिसको देखते हुए सरकार भी फिशरीज सेक्टर को मज​बूत कर रही है. हरियाणा में खारे पानी और बंजर जमीनों का इस्तेमाल किसानों की इनकम बढ़ाने के लिए किया जा रहा है. खारे पानी और बंजर जमीन को किसानों ने कमाई का जरिया बना दिया है. असल में सिरसा जिले में तेजी से झींगा पालन बढ़ रहा और ये अब दूसरे राज्यों के लिए भी मिसाल बन रहा है. इसी मॉडल को समझने के लिए बिहार मत्स्य पालन विभाग के निदेशक तुषार सिंगला, आईएएस के नेतृत्व में विभागीय टीम ने सिरसा का दौरा किया है.

टीम ने जिले में संचालित मत्स्य पालन योजनाओं, झींगा उत्पादन, भंडारण और आधुनिक तकनीक की विस्तार से जानकारी ली. बिहार की टीम ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर मत्स्य पालन विभाग की योजनाओं की समीक्षा की. इस दौरान भविष्य में योजनाओं के क्रियान्वयन, आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने और दोनों राज्यों के बीच तकनीकी अनुभव साझा करने पर चर्चा हुई.

नया विकल्प सामने आ गया है
सिरसा के खारे पानी वाले क्षेत्रों में झींगा पालन किसानों के लिए आय का नया विकल्प बनकर उभरा है. इससे उन्हें फायदा भी मिला है.

वहीं जिन जमीनों पर पारंपरिक खेती चुनौतीपूर्ण थी, वहां झींगा पालन से किसानों को बेहतर आमदनी की संभावनाएं मिली हैं.

इसी सफलता को देखते हुए अब टीम ने गांव अहमद‌पुर दारेवाला और कर्मशाना में स्थापित झींगा उत्पादन फार्मों का दौरा किया.

यहां किसानों से झींगा पालन की तकनीक, उत्पादन, लागत और अनुभव की जानकारी ली, हर एक पहलू पर सवाल किए.

गांव चोरमार में झींगा उत्पादन के लिए स्थापित शीत भंडारण केंद्र का भी निरीक्षण किया गया देखा कि क्या व्यवस्थाएं हैं.

टीम ने उत्पादन के बाद हींगा के भंडारण और आगे की प्रक्रिया से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी समझा.

कर्मशाना में आधुनिक तकनीक आधारित इंटरनेट ऑफ थिंग्स प्रणाली से संचालित झींगा उत्पादन की शुरुआत की गई है.

टीम को इस तकनीक की कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। इसी गांव में झींगा की ब्लैक टाइगर प्रजाति के सफल उत्पादन की नई पहल के बारे में भी टीम को बताया गया. दूसरे राज्यों की टीमें सिरसा के मॉडल को समझने पहुंच रही हैं.

जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र ने बताया कि बिहार की टीम के दौरे से दोनों राज्यों के बीच मत्स्य पालन के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग बढ़ेगा.

उन्होंने आगे कहा कि इसके साथ ही अनुभव साझा करने की संभावनाएं बढ़ी हैं. इससे किसानों तक नई तकनीक और बेहतर सुविधाएं पहुचेंगी.

Written by
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