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Animal Husbandry: यूपी में बाढ़ प्रभावित इलाकों में गौशालाएं नहीं होंगी प्रभावित, मंत्री ने दिया निर्देश

मध्य प्रदेश के एक गौशाला में चारा खाती गायें.

नई दिल्ली. इन दिनों हो रही भारी बारिश की वजह से नदियां उफान पर हैं. हर किसी नदी का जलस्तर बहुत ज्यादा बढ़ गया है. नदियों के उफान पर आने के चलते पशुपालन में कई दिक्कतें हो सकती हैं. खासकर राज्य के उन इलाकों में जो बाढ़ प्रभावित हैं. यूपी सरकार भी इस बात को समझ रही है और खासकर संचालित की जा रही गौशालाओं में बेहतर व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं. हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार के पशुधन व दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक ली और अफसरों को किसी भी परिस्थिति से निपटने के निर्देश दिए.

मंत्री धर्मपाल सिंह ने जरूरी व्यवस्थाएं करने का निर्देश अधिकारियों को दिया. ताकि मुश्किल परिस्थिति में गौशालाओं में पल रहीं, गायों को दिक्कते न आएं. उन्होंने गौशालाओं का संरक्षण और बाढ़ प्रबंधन पर जोर दिया. अफसरों ने भी अपनी ओर से की गई तैयारी के बारे में विभागीय मंत्री को अवगत कराया.

वैक्सीनेशन पर भी जोर देने को कहा
वहीं मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि प्रदेश की सभी गौशालाओं को सुरक्षित और संरक्षित रखने की हर एक मुमकिन कोशिश की जाए.

उन्होंने अफसरों को निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों और क्षेत्रों में गौशालाओं की सुरक्षा के लिए जो बाढ़ चौकियां स्थापित गईं, वहां सारी व्यवस्था रखी जाएं.

उन्होंने बताया कि सभी गौशालाओं में भूसा, सूखा व हरा चारा, दाना और समुचित प्रकाश (लाइट) की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.

​दुग्ध विकास और किसानों का भुगतान के बारे में भी जरूरी निर्देश दि. बैठक में दुग्ध समितियों का गठन करके सीधे समितियों से दूध खरीदने और किसानों के भुगतान को प्राथमिकता के आधार पर करने पर जोर दिया गया.

संचारी रोगों की रोकथाम के लिए अभियान चलाया जा रहा है. कुछ जिलों में फैले लंपी स्किन डिजीज (LSD) और एफएमडी (FMD) का असर देखा जा रहा है.

इसलिए टीकाकरण अभियान की गति को तेज करने का निर्देश उन्होंने अफसरों को दिया. जिससे पशुओं को इन खतरनाक बीमारियों से समय रहते हुए बचाया जाए.

उन्होंने बैठक में कहा कि किसानों की इनकम बढ़ाने के लिए पशुओं की नस्ल सुधार पर जोर ​देना चाहिए.

कहाा कि इससे 1–2 लीटर दूध देने वाली गायों की क्षमता बढ़कर 10–12 लीटर तक की जा सकती है.

जिससे पशुपालन करने वाले किसानों की इनकम में इजाफा होगा और दूसरे लोग भी प्रभावित होकर इस काम में आगे आएंगे.

Written by
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