नई दिल्ली. पशुपालन करने वाले ज्यादातर लोग अपने पशु को चाहे वह गाय हो या भैंस साधारण चारा खिलाते हैं. इसके अलावा चारे के साथ अनाज आदि भी अक्सर पशुओं को दिया जाता है लेकिन क्या आपको पता है कि अनाज पशुओं के लिए खतरा अभी बन सकता है. अगर आपको ऐसा लग रहा है कि अनाज की वजह से पशुओं की मौत नहीं हो जाती है तो आप गलत हैं. ठीक से अनाज का रखरखाव नहीं करेंगे तो ये अनाज पशुपालकों के लिए खतरा बन सकता है. इसलिए आपके लिए ये जानना जरूरी है कि क्या करें.
पशुपालक भाई अपनी गाय और भैंस की चारे के साथ अनाज भी खिला देते हैं. पशुओं को अनाज खिलाने में कोई खराबी भी नहीं है. पशुओं को अनाज खिलाते रहना चाहिए. लेकिन यहां एक बात का ख्याल जरूर रखना चाहिए कि कई बार नमी वाला अनाज खिलाने से पशुओं को यह नुकसान पहुंचाता है. इस तरह का अनाज पशुओं को कभी नहीं खिलाना चाहिए. ऐसा करने से पशुओं के लिए खतरा बढ़ जाता है. यहां तक कि ये खतरा पशुओं की मौत का कारण भी बन सकता है. जो पशुपालकों के लिए बहुत नुकसानदेह है.
नमी वाले अनाज में लग जाता है फंगस: एक्सपर्ट कहते हैं कि नमी से भरा पूरा अनाज पशुओं के शरीर में कई समस्याएं पैदा कर सकता है. पशुओं को जब नमी वाला अनाज खिलाया जाता है तो उसमें कई बार फंगस भी लग जाते हैं. यह फंगस पशुओं के पेट में जाकर उन्हें बेहद परेशान करते हैं. जिसके चलते न केवल उनकी दूध उत्पादकता भी कम हो जाती है, बल्कि कई बार वह प्रजनन क्षमता भी खो देते हैं. क्योंकि फंगस की वजह से जो बीमारी होती है उसका कोई ठोस इलाज मौजूद नहीं है, ऐसे में पशुओं में फंगस के कारण गंभीर स्थिति पैदा हो जाती है. यहां तक कि उनकी मौत भी हो जाती है.
अनाज को सीलन से बचाएं: आम पशुपालकों को यह लगता है कि सीलन या फिर नमी सिर्फ बारिश के दिनों में ही आएगी, लेकिन ऐसा नहीं होता है. अनाज सर्दियों के दौरान भी नमी पकड़ लेता है. बाद में इसमें फफूंद लग जाती है और पूरी तरह से काला हो जाता है. पशु के पेट में जमता है और कीड़े पैदा हो जाते हैं. इसलिए अपने पशुओं के स्वास्थ्य के लिए अनाज ही देना चाहिए. इसके अलावा हर मौसम के अंदर अनाज की स्टोरेज अच्छी तरह से करें. ताकि अनाज में नमी न पड़े. ऐसा करके न सिर्फ आप अपने अनाज को बर्बाद होने से बचा पाएंगे. बल्कि पशुओं को भी सुरक्षित रख पाएंगे और उनकी दूध उत्पादकता भी बढ़ जाएगी.
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