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Dairy: भारत कई वर्षों तक दुनिया सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश बना रहेगा, जानें कैसे

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प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. दुनियाभर में भारत दूध उत्पादन में नंबर एक स्थान पर है और उत्पादन का 26 प्रतिशत हिस्सा भारत में उत्पादित होता है. जिसकी वजह से दूध की अर्थव्यवस्था 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है. अकेले दूध का जीडीपी में लगभग 4 प्रतिशत योगदान है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में इंडियन डेयरी एसोसिएशन (साउथ जोन) के अध्यक्ष डॉ. सतीश कुलकर्णी और केंद्रीय कार्यकारी समिति के सदस्य और डोडला डेयरी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीवीके रेड्डी ने ये बात कही. उन्होंने कहा कि देश में दूध उत्पादन 5 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है, जबकि विश्व की वृद्धि दर 1.5 प्रतिशत है.

4 से 6 मार्च तक हैदराबाद के हाईटेक्स सिटी में डेयरी उद्योग सम्मेलन (डीआईसी) की घोषणा करने के लिए उन्होंने कहा कि लगभग 80 मिलियन किसान आजीविका के लिए डेयरी पर निर्भर हैं. डेयरी प्रबंधन में लगभग 70 प्रतिशत श्रम का योगदान महिलाओं का है. कुल दूध उत्पादन का लगभग 20 प्रतिशत योगदान दक्षिणी भारत का है. फसल खेती के साथ-साथ डेयरी भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनी हुई है. विश्व की लगभग 15 प्रतिशत मवेशी आबादी और 60 प्रतिशत भैंस आबादी भारत में है. मौजूदा वक्त में दूध उत्पादन 230 मिलियन टन के करीब हो रहा है. भारत आने वाले कई वर्षों तक दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक बना रहेगा.

बुनियादी ढांचे का निर्माण करना जरूरी
कुलकर्णी ने कहा कि, भारतीय अर्थव्यवस्था में इसके बड़े योगदान के बावजूद, कई कृषि वस्तुओं के विपरीत, कोई न्यूनतम समर्थन मूल्य तंत्र नहीं है. डेयरी अर्थव्यवस्था बाजार संचालित है और इस क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे का निर्माण करना सरकार के हित में है. दक्षिणी भारत भारतीय डेयरी अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है, जो कुल दूध उत्पादन का लगभग 20 प्रतिशत है. आंध्र प्रदेश का अनुमान सबसे बड़ा 8 प्रतिशत योगदान है और तेलंगाना के साथ मिलकर दक्षिणी राज्यों के दूध उत्पादन का 50 प्रतिशत योगदान है.

5 मार्च को स्वर्ण जयंती
रेड्डी ने कहा, दक्षिणी भारत में मार्केटबल सरप्लस 80 प्रतिशत से अधिक संगठित क्षेत्र द्वारा इकट्ठा किया जाता है, जो राष्ट्रीय औसत 52 प्रतिशत से बहुत बड़ा है. वर्ष 1948 में शुरू हुई आईडीए, डीआईसी के स्वर्ण जयंती संस्करण का आयोजन कर रही है. इस आयोजन में उद्योग और सरकारी अधिकारी भाग लेंगे. यह 5 मार्च को होने वाले सम्मेलन में दक्षिणी डेयरी मंत्रियों की मेजबानी करेगा.

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