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Fisheries: इस राज्य में मछली पालन को बढ़ावा देने और मछुआरों की इनकम बढ़ाने के लिए चल रही ये योजनाएं

‘Need national guideline on eco-labeling of marine fishery resources’
Symbolic photo. livestock animal news

नई दिल्ली. मछली पालन करके सालाना 5 से 6 लाख रुपए की कमाई आसानी के साथ की जा सकती है. इसलिए सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा किसान भाई मछली पालन के काम में आगे आएं और अपनी इनकम को डबल कर लें. इसलिए केंद्र सरकार से लेकर ज्यादातर राज्य सरकारें मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं चलाती हैं. ताकि आर्थिक रूप से कमजोर किसान अगर मछली पालन करना चाहें तो फिर उनके सामने बजट की समस्या न हो. भारत सरकार और तमिलनाडु की सरकार मछली उत्पादन और मछुआरों की इनकम बढ़ाने के लिए कई काम कर रही है.

सरकार की आरे बताया गया है कि मत्स्य विभाग भारत सरकार और तमिलनाडु सरकार के साथ मिलकर तमिलनाडु राज्य में समग्र मत्स्य उत्पादन बढ़ाने और इस प्रकार मछुआरों और मत्स्य किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए विभिन्न योजनाओं को चला रहा है. आईलैंड मछली किसानों को नई मीठे पानी की फिनफिश हैचरी, फिश रियरिंग तालाब, इनपुट सहित ग्रो आउट तालाब, मीठे पानी के बायो-फ्लोक तालाब, री-सर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (आरएएस) और फिश फीड मिलों के निर्माण के लिए वित्तीय मदद दी जा रही है.

केज कल्चर के लिए 11 करोड़ रुपए दिए
तेजी से बढ़ने वाले आनुवंशिक रूप से उन्नत जीआईएफ तिलापिया के लिए हैचरी भी स्थापित की गई है. केज कल्चर और वैकल्पिक आजीविका को बढ़ावा देने के लिए, सरकार ने जलाशय परियोजना के एकीकृत विकास के लिए 11.08 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं. समुद्री क्षेत्र में, तमिलनाडु के 07 जिलों में लगभग 2,000 मछुआरे परिवार सी वीड फार्मिंग में लगे हुए हैं, जो विशेष रूप से मछुआरा महिलाओं के लिए आय का एक वैकल्पिक स्रोत साबित हुआ है.

सरकार इन्फ्रस्ट्रक्चर को कर रही है मजबूत
कोल्ड चेन सुविधाओं में, पोस्ट हार्वेस्ट नुकसान को कम करने और मछुआरों की आय बढ़ाने के लिए इंसुलेटेड वाहन, रेफ्रिजरेटेड वाहन, आइस बॉक्स वाले टू वीलर और थ्री वीलर, आधुनिक फिश रीटेल मार्केट, कियोस्क और लाइव फिश वेंडिंग केंद्रों के लिए सहायता प्रदान की गई है. फिशरीज क्षेत्र के लिए इन्फ्रस्ट्रक्चर की जरूरत को पूरा करने के लिए, मत्स्यपालन विभाग भारत सरकार ने 7 लाख 522.48 करोड़ रुपए के कुल फंड के साथ फिशरीस एंड एक्वाकल्चर इन्फ्रस्ट्रक्चर डेवलेपमेंट फंड’ (एफआईडीएफ) नामक एक समर्पित फंड बनाया है, जिसके अंतर्गत फिशरीस इन्फ्रस्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए 3 फीसदी प्रति वर्ष तक ब्याज सहायता (इंटरेस्ट सबवेनशन) प्रदान की जाती है.

1664 करोड़ की परियोजना को मंजूरी
एफआईडीएफ के तहत, तमिलनाडु राज्य सरकार को 1573.73 करोड़ रुपए की परियोजना लागत के साथ 64 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं. इसके अलावा, जैसा कि तमिलनाडु सरकार की ओर से ये बताया गया है कि ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि / रूरल इनफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेन्ट फ़ंड (आरआईडीएफ) के अंतर्गत तमिलनाडु को 1664.39 करोड़ रुपए की परियोजना लागत के साथ 96 परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है.

Written by
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