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Fisheries: कम लागत में पालिए रूपचंद मछली, मिलेगा अच्छा मुनाफा, यहां पढ़ें जल्दी फसल लेने का तरीका

rupchandra fish
रूपचंद मछली की तस्वीर.

नई दिल्ली. मार्केट में रूपचंद मछली की भी काफी डिमांड है. खास तौर पर शादी ब्याह के मौके पर पापलेट की जगह रूपचंद मछली को काफी ज्यादा पसंद किया जाता है. फिश एक्सपर्ट कहते हैं कि रूपचंद मछली का पालन करके भी अच्छी कमाई की जा सकती है. एक्सपर्ट के मुताबिक रूपचंद मछली तेजी से बढ़ने की क्षमता और कम लागत में पालन के कारण मछली पालकों के बीच काफी लोकप्रिय मछली है. अगर आप इस छोटे साइज के बीज से पालना चाहते हैं तो तब इसको तैयार होने में आपको थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है लेकिन जब आप इसे बेचेंगे तब ज्यादा मुनाफा मिलेगा.

फिश एक्सपर्ट का कहना है कि इंतजार इसलिए करना पड़ता है, क्योंकि 500 लाइन का बीज 1 किलो तक तैयार होने में तकरीबन 1 साल का समय ले लेता है, लेकिन ऐसा नहीं है कि सिर्फ इसे तैयार होने में सिर्फ एक साल ही लगता है, बल्कि ये जल्दी भी तैयार हो जाती है. आप इस मछली की जल्दी ग्रोथ चाहते हैं तो 300 लाइन का बीज चुन सकते हैं, जो 9 से 10 महीने में तैयार हो जाता है और आपको इससे अच्छा मुनाफा मिलता है. उसका वजन तकरीबन 1 किलो तक हो जाता है जो मार्केट साइज वजन कहलाता है.

ये मछली जल्दी हो जाती है तैयार
वहीं रूपचंद मछलियों में इससे भी तेज ग्रोथ हासिल किया जा सकता है लेकिन इसके लिए 100 लाइन बीज डालने की जरूरत पड़ती है जो 6 से 8 महीने के अंदर 1 किलो साइज का तैयार हो जाती है. वहीं 100 ग्राम की मछली तालाब में अगर डालते हैं तो तो सिर्फ 5 महीने में ही रूपचंद मछली की तैयार फसल आप ले सकते हैं. बात अगर की जाए इस मछली की खासियत की तो यह दिखने में बेहद ही आकर्षक होती है. वहीं बाजार में इसकी अच्छी खासी डिमांड होती है. जिससे मछली पालकों को अच्छा खासा मुनाफा मिलता है.

इसको पालने की लागत है कम
रूपचंद मछली के दाम की बात की जाए तो डेढ़ सौ रुपए किलो के आसपास इसका दाम आसानी के साथ मिल जाता है. यदि आप रूपचंद मछली को कम खर्चे में जल्दी बड़ा करना चाहते हैं तो ये एक बेहतर ऑप्शन हो सकता है. क्योंकि ये मछलियां सिर्फ फ्लोटिंग बीज ही नहीं खाती बल्कि नेचुरल चारा भी खाना पसंद करती हैं. जिससे इसका पालन सस्ता हो जाता है और उनकी ग्रोथ भी तेजी के साथ होती है. ये मछलियां कीट पतंग, केले के पत्ते, चिकन वेस्ट और किचन वेस्ट को भी खा लेती हैं.

Written by
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