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Fish Farming: महिलाओं को मछली पालन से जोड़ने के लिए सरकार चला रही है ये योजना, पढ़ें डिटेल

fish farming in pond
प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली. मछली पालन अच्छा काम है. इस बात को सरकार भी समझती है. तभी तो सरकार महिलाओं को मछली पालन के सेक्टर से जोड़कर उनकी इनकम को बढ़ाना चाहती है. ताकि वह भी अपने परिवार की आर्थिक मदद कर सकें. उत्तर प्रदेश में महिलाओं को मछली पालन सेक्टर से जोड़ने के लिए नई योजना की शुरुआत की की है. इस योजना का नाम एरिऐशन सिस्टम स्थापना है. इसके तहत महिलाओं को मछली पालन के लिए सरकार की ओर से अनुदान दिया जाएगा. पिछले साल से ही इस योजना को लेकर मत्स्य विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन मांगे जा रहे हैं. अगर आप इस योजना से जुड़ना चाहते हैं तो इसकी डिटेल यहां नीचे पढ़ें.

उत्तर प्रदेश में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मछली पालन के काम से जोड़ने को लेकर उत्तर प्रदेश की सरकार सीरियस है. सरकार एरिएशन सिस्टम लगाने के लिए महिलाओं को सब्सिडी दे रही है. सरकार ने इसके लिए कुछ मानक भी तय किए हैं. इन मानकों को पूरा करने वाली महिलाएं योजना का फायदा उठा सकती हैं और अच्छा मुनाफा कमा सकती हैं. कई जिलों में इसको लेकर काम भी शुरू हो गया है और महिलाएं इसका फायदा उठा रही हैं.

किसे मिलेगा योजना का फायदा
जानकारी के लिए बता दें कि इस योजना के लिए आवेदन मत्स्य विभाग की वेबसाइट पर पिछले साल 19 अगस्त से ही शुरू हो चुका है. इस योजना में मछली बीज, हैचरी स्वामी, निजी तालाब और पट्टे के तालाब वाली महिलाएं आवेदन कर सकती हैं. तालाब के पट्टे की अवधि कम से कम 5 वर्ष होनी चाहिए. तभी आवदेन कर सकेंगी. 0.5 हेक्टेयर के तालाब पर दो हॉर्स पावर के एक क्वॉड पैडल कील एविएटर और 1 हेक्टेयर उसे बड़े तालाब के लिए अधिकतम दो एरिएटर पर महिला मत्स्य पालकों को सब्सिडी दी जाएगी. जिनके तालाब की वर्तमान मत्स्य उत्पादकता कम से कम पांच टन प्रति हेक्टेयर है तो उन्हें उत्पादकता में वृद्धि के लिए अनुदान दिया जाएगा. मछली पालन के तालाब पर बिजली कनेक्शन और जनरेटर की सुविधा होनी चाहिए. तभी योजना का फायदा मिल सकता है.

जाने कितनी मिलेगी सब्सिडी
एरिएशन सिस्टम के लिए तालाब के ऐसे सभी पट्टा धारक जिनके पत्ते की अवधि 5 वर्ष बची है. वह भी आवेदन कर सकते हैं. आवेदन की ईकाई लागत 75 हजार रुपए प्रति यूनिट है. बता दें कि सामान्य अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं को 50 फीसदी अनुदान दिया जाएगा. वहीं अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए 60 फीसदी अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा. मत्स्य विभाग की वेबसाइट https://fisheries.up.gov.in पर जाकर भी अधिक जानकारी हासिल की जा सकती है. वहां आवेदन कर सकते हैं.

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