Home मछली पालन Aquarium Fish: एक्वेरियम फिश खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो इन प्वाइंट में जानें देखभाल की डिटेल
मछली पालन

Aquarium Fish: एक्वेरियम फिश खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो इन प्वाइंट में जानें देखभाल की डिटेल

रंगीन मछलियां घर हो या आफिस दोनों जगहों को और सुंदर बनाती हैं.
प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली. एक्वेरियम घर की शोभा बढ़ाता है साथ ही तनाव दूर करता है. मन को बेहद सुकून देता है. शाम हो या सुबह घर हो या दफ्तर एक्वेरियम देखने से मन की थकान दूर हो जाती है. साफ पानी, हरे पेड़ और रंगीन मछलियां, ये सभी एक साथ मिलकर एक अलग दुनिया में ले जाते हैं. अगर आप भी अपने घर पर एक्वेरियम रखना चाहते हैं तो कुछ बातों का ध्यान देना जरूरी होता है. एक्वेरियम कैसा होना, उसकी देखभाल किस तरीके से करनी चाहिए. पानी को कितनी बार बदलना चाहिए और आक्सीजन के लिए क्या करना चाहिए. पांच प्वाइंट में आप समझिए एक्वेरियम की पूरी जानकारी. आइये इस आर्टिकल को पूरा पढ़िए और अपने घर में एक्वेरियम की बढ़िया तरीके से देखभाल कीजिए.

रंगीन मछलियां घर हो या आफिस दोनों जगहों को और सुंदर बनाती हैं. कई लोग रंगीन मछलियों को भाग्य से जोड़कर भी देखते हैं. आइये जानते हैं कि मछलियों की आक्सीजन के लिए एक्वेरियम में क्या प्रबंध किए जाए.

  1. एक्वेरियम में आक्सीजन की मात्रा सही बनाए रखना बेहद जरूरी होता है, जिससे मछलियों को पर्याप्त आक्सीज मिल सके और आपके एक्वेरियम की मछलियां लंबे समय तक स्वस्थ्य बनी रहें. एक्वेरियम में ऑक्सीजन बढ़ाने के लिए पानी की स्पीड बढ़ाना सबसे अच्छा तरीका है. इसे आप एयर पंप, एयर स्टोन या पानी को हिलाकर कर सकते हैं. इसके अलावा, पानी की सतह पर ज्यादा से ज्यादा हवा के बुलबुले आने दें, जिससे पानी में ऑक्सीजन घुले. कुछ तरीको से आप एक्वेरियम की आक्सीजन केा बढ़ा सकते हैं.
  2. ये मछली है एक्वेरियम के लिए बेस्ट: गप्पी फिश एक मजबूत, रंगीन, छोटी मछली है जो शुरुआती लोगों के लिए एकदम सही है. उनकी देखभाल करना आसान है और उन्हें छोटे टैंकों में रखा जा सकता है. गप्पी जल्दी से प्रजनन करती है. गप्पी को उपचारित मीठे पानी की आवश्यकता होती है जिसमें क्लोरीन न हो. गप्पी को 22.2-26.1 °C (72-79 °F) के आसपास के पानी का तापमान पसंद होता है. गप्पी को अपने टैंक में उपयुक्त सब्सट्रेट रखने से भी लाभ होता है, जैसे कि छोटे पत्थर या रेत. गप्पी के टैंक में पौधे रखने से उन्हें छिपने और उनके प्राकृतिक व्यवहार का प्रदर्शन करने के लिए जगह मिल जाती है.
  3. साबुन या डिटर्जेंट न करें यूज. फिश टैंक साफ करने के लिए आप कभी भी साबुन या किसी अन्य प्रकार का डिटर्जेंट यूज ना करें. इसमें रासायनिक अवशेष टैंक की मछली की हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकते हैं. सबसे पहले एक फिश नेट की हेल्प से मछलियों को बाहर निकालें और किसी बाउल या बाल्टी में उन्हें रख दें.
  4. गोलाकार एक्वेरियम भी खरीद सकते हैं. अगर आप एक छोटा सा गोलाकार एक्वेरियम खरीद रहे हैं, तो आमतौर पर उसमें छोटी-सुनहरी मछली रखी जा सकती हैं. बेहतर ये होगा कि आप उसमें बड़ी मछली ना रखें. वैसे अगर आप बड़ा एक्वेरियम खरीद रहे हैं, तो इसमें आप अपनी पसंद के अनुसार तरह-तरह की मछलियां रख सकती हैं.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

पशुपालनमछली पालन

Kisan Mela: किसान मेले में पशुपालन और मछली पालन के फायदे गिनाए

नई दिल्ली. गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना के...

1.2 million fisher households nationwide bringing in real-time validation.
मछली पालन

Fisheries News: मछुआरों की इनकम बढ़ाने के लिए 130 करोड़ जारी, शैक्षिक मदद भी मिलेगी

नई दिल्ली. पुडुचेरी के मुख्यमंत्री श्री एन. रंगासामी ने फिशरीज सेक्टर से...

मछली पालन

Fish Farming: फिशरीज सेक्टर को मजबूत करने के लिए बिहार सरकार खर्च करेगी 195 करोड़ रुपए

नई दिल्ली. बिहार में मछली पालन (Fish Farming) की और इससे बेहतर...