नई दिल्ली. मध्य प्रदेश सरकार राज्य में दूध उत्पादन बढ़ाना चाहती है और राज्य को डेयरी कैपिटल बनाने की दिशा में काम कर रही है. वहीं सरकार राज्य में गौपालन को बढ़ावा देने का भी काम कर रही है. इसी कड़ी में मध्य प्रदेश गौसंवर्धन बोर्ड पशुपालन एवं डेयरी विभाग (Madhya Pradesh Cow Development Board Animal Husbandry and Dairy Department) की ओर से मध्य प्रदेश राज्य के विभिन्न जिलों में ‘आत्मनिर्भर गौशालाओं की स्थापना नीति 2025’ के तहत डिजाइन, निर्माण, वित्त, संचालन एवं हस्तांतरण (DBFOT) आधार पर आत्मनिर्भर गौशालाओं के विकास हेतु ऑनलाइन टेंडर मांग गए हैं.
इस योजना के तहत 14 जिलों को शामिल किया गया है. हर जिले को अलग NIT जारी किया गया है. वहीं इसकी डिटेल जानकारी ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल http://www.mptenders.gov.in पर उपलब्ध है. हर NIT स्थल को अलग टेंडर के रूप में माना जाएगा.
इन जिलों को किया गया शामिल
बता दें कि आत्मनिर्भर गौशाला स्थापना नीति, 2025 के तहत DBFOT आधार पर (जिला दमोह, मंदस्खैर, जबलपुर, रायसेन, सागर, पन्ना, विदिशा, सतना, अशोकनगर, छतरपुर (राजनगर), छतरपुर (गौरीहार), रतलाम, शाजापुर और भिण्ड समेत कुल 14 जिलों में आत्मनिर्भर गौशालाओं का विकास होगा.
प्रोसेसिंग फीस पांच हजार रुपए ऑनलाइन जमा करना होगा. वहीं 50 लाख भी ऑनलाइन जमा करना होगा. आखिरी तारीख 30 नवंबर है.
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टेंडर दस्तावेज सिर्फ www.mptenders.gov.in से ही ऑनलाइन क्रय किए जा सकेंगे. जिसका भुगतान भी ऑनलाइन करना अनिवार्य होगा.
टेंडर करने वालों के लिए पात्रता मानदंड www.gopalanboard.amp.gov.in तथ www.mpdaah.gov.in से डाउनलोड किए जा सकते हैं.
टेंडर में किसी भी प्रकार के संशोधन, परिपत्र केवल www.mptenders.gov.in और www.gopalanboard.mp.gov.in पर ही प्रकाशित किए जाएंगे.
टेंडर डालने वाले को परामर्श दिया जाता है कि वे नियमित रूप से उपरोक्त पोर्टलों को एक बार जरूर देख लें.
भूमि बैंक (Land Bank) की जानकारी www.gopalanboard.mp.gov.in पर उपलब्ध है.
निवेशक इच्छानुसार स्थल का निरीक्षण कर सकते हैं, जिसके लिए दिन पहले ईमेल (gopalan.board@mp.gov.in) के माध्यम से सूचना देना होगा.












