नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश सरकार भी पशुपालन को बढ़ावा देने का काम कर रही है. इसी को देखते हुए सरकार की तरफ से नंदिनी कृषक समृद्धि योजना चलाई गई है. इस योजना के तहत देसी नस्ल की गायों जैसे साहिवाल, गिर और थारपारकर को पालने पर सरकार आर्थिक मदद दे रही है. यानि की डेयरी फार्म की स्थापना करके पशुपालक भाई अच्छी कमाई कर सकते हैं. ये योजना के तहत पशुपालकों की इनकम बढ़ाने के लिए डेयरी फार्म स्थापित करने पर तकरीबन 62.5 लाख की कुल लागत आती है. जिसका 50 फीसद खर्च सरकार की ओर से उठाया जाता है.
यानी अधिकतम 31. 25 लाख बतौर सब्सिडी सरकार डेयरी फार्म की स्थापना के लिए किसानों को देती है. इस योजना के उद्देश्य की बात करें तो उच्च गुणवत्ता वाले देशी गोवंश का संवर्धन और डेयरी उद्योग को बढ़ावा देना है. योजना के तहत 50 फीसद सब्सिडी ली जा सकती है. बैंक लोन के तौर पर 35 परसेंट और खुद का 15 परसेंट ही लगाना होगा. बाकी का पैसा सरकार आपको देगी.
कौन ले सकता है फायदा
इस योजना के लिए वही पात्र होगा जो उत्तर प्रदेश का निवासी होगा. पशुपालन में कम से कम 3 साल का अनुभव भी होना चाहिए.
वहीं उसके पास डेयरी के काम के लिए 0.5 एकड़ जमीन, चारा उत्पादन के लिए डेढ़ एकड़ जमीन खुद की या लीज पर ली गई होनी चाहिए.
बता दें कि बहुत से किसान इस योजना का फायदा उठाकर अच्छी कमाई कर रहे हैं और आगे बढ़ रहे हैं.
नंदिनी कृषक समृद्धि योजना का फायदा पाने वाले अंकित कुमार सिंह ने बताया कि 25 गायों के पालन के लिए सरकार के द्वारा सब्सिडी मिली है.
इस योजना का फायदा लेने के लिए 25 देसी साहीवाल थारपारकर और गिर गाय पालने को कहा गया है.
उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने डेयरी फार्म में 23 साहीवाल गाय और दो गिर गायों का पालन इस योजना से जुड़ने के बाद शुरू किया.
उन्होंने कहा कि योजना से जुड़ने से पहले उनके पास तीन गाय और दो भैंस थी लेकिन अभी इस योजना से जुड़कर बड़े पैमाने पर डेयरी फार्मिंग का काम कर रहे हैं.
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत उन्हें 50 फीसद सब्सिडी मिली है. सब्स्डिी के के तोर 31.25 लाख सरकार की ओर से मिला है.
जिसकी मदद से उन्होंने अच्छी क्वालिटी का शेड बनवाया. मिल्किंग मशीन ली और डेयरी फार्मिंग में तमांम जरूरत के समान को खरीदा.












