नई दिल्ली. बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग (Dairy Fisheries and Animal Resources Department) की ओर से मछली पालन को बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है. वहीं फिशरीज सेक्टर से जुड़े तमााम अहम काम किए जा रहे हैं. जिससे इस काम में जुड़े लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े और वो फिशरीज से अपनी इनकम को बढ़ा सकें. जबकि उनसे प्रेरित होकर अन्य लोग भी इस काम में आगे आएं. इसी कड़ी में अलवर में मछुआरों को थ्री व्हीलर और आइस बॉक्स बांटा गया. ताकि मछुआरों को इस काम में ज्यादा फायदा हो सके.
अलवर के समाहरणालय परिसर में डेयरी, मत्स्य व पशु संसाधन विभाग द्वारा संचालित मछुआ कल्याण योजना के तहत मछुआरों को कीट वितरण किया गया है. मत्स्य परिवहन योजना अंतर्गत तीन थ्री व्हीलर आइस बाक्स और नाव जाल योजना के तहत 15 फेका जाल का वितरण जिलाधिकारी अमृषा बैंस एवं उप मत्स्य निदेशक मगध परिक्षेत्र विपिन के द्वारा किया गया.
ताजी मछलियां बाजार में आ पाएंगी
जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि मछली का उत्पादन शहर से दूर ग्रामीण क्षेत्र में होने के कारण ताजी मछलियों को बाजार तक पहुंचाने में होने वाली असुविधा मे कमी आयेगीं. उन्होंने कहा कि इससे उपभोक्ताओं को ताजी मछलियो की उपलब्धता हो सकेगी.
मगध परिक्षेत्र के उप मत्स्य निदेशक विपिन द्वारा बताया गया कि अरवल जिला के मत्स्य उत्पादन व उत्पादकता वृद्धि के लिए सरकार द्वारा विभिन्न लोक कल्याणकारी व मछुआ कल्याण योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है.
वितरण किये जा रहे श्री व्हीलर आइस बाक्स सहित का इकाई लागत तीन लाख रूपये है एवं इसमें 50 प्रतिशत अनुदान तथा कास्ट फेका जाल का इकाई लागत 16 हजार 700 रूपये है.
जिसमें अनुदान 15 हजार 30 रूपये दिया गया है. आनलाईन के माध्यम से प्राप्त आवेदनों में से लाभुकों का चयन नियमानुसार किया गया है. फायदा पाने लोग मछली बिक्री या शिकारमाही के कार्य में संलग्न हैं.
जिला मत्स्य पदाधिकारी आशुतोष आनंद द्वारा बताया गया कि वितरण किये गये मत्स्य परिवहन वाहन योजना एवं जाल पैकेज योजना के तहत् चयनित लाभुकों द्वारा क्रय के लिए एजेंसी का चयन स्वयं लाभुक द्वारा किया गया है.
उन्होंने बताया कि एवं अनुदान की राशि का भुगतान संबंधित एजेंसी को दिए जाने का प्रावधान है.
मौके पर उप विकास आयुक्त शैलेश कुमार, मत्स्य विकास पदाधिकारी आकांक्षा कुमारी, अजय कुमार चौधरी, संतोष कुमार, जिले के मत्स्य कृषक, मछुआरा एव मत्स्य व्यवसायी उपस्थित हुए.










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