Home मछली पालन Fish Farming: फिशरीज से जुड़े लोगों में सात थ्री-व्हीलर, आइस बॉक्स और नावों का किया वितरण
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Fish Farming: फिशरीज से जुड़े लोगों में सात थ्री-व्हीलर, आइस बॉक्स और नावों का किया वितरण

तालाब में खाद का अच्छे उपयोग के लिए लगभग एक सप्ताह के पहले 250 से 300 ग्राम प्रति हेक्टेयर बिना बुझा चूना डालने की सलाह एक्सपर्ट देते हैं.
तालाब में मछली निकालते मछली पालक

नई दिल्ली. बिहार के औरंगाबाद शहर में डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की ओर से संचालित की जा रही मछुआ कल्याण योजनाओं के तहत मछली किसानों के बीच मत्स्य परिवहन एवं नाव पैकेज योजनाओं के तहत जरूरी सामानों का वितरण किया गया है. इस दौरान जिले के डीएम ने कहा कि मछली उत्पादन मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में होने के कारण ताजी मछलियों को बाजार तक पहुंचाने में कठिनाई होती है. संचालित की जा रही योजना के तहत वितरित किए गए सामानों के माध्यम से मछली उत्पादकों और व्यवसायियों को सुविधा मिलेगी तथा उपभोक्ताओं को ताजी मछलियों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी.

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा मत्स्य पालकों एवं मछुआरों के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है. मगध परिक्षेत्र के उप मत्स्य निदेशक विपिन ने बताया कि जिले में मत्स्य उत्पादन एवं उत्पादकता वृद्धि के उद्देश्य से सरकार द्वारा कई लोक कल्याणकारी एवं मछुआ कल्याण योजनाएं संचालित की जा रही है.

योजना के बारे में जानें
उन्होंने बताया कि वितरित किये गये थ्री-व्हीलर आईस बॉक्स वाहन की प्रति इकाई लागत तीन लाख रुपये है, जिसमें 50 प्रतिशत यानी 1.50 लाख रुपये अनुदान देय है.

वहीं नाव पैकेज योजना के तहत फिशिंग वुडेन बोट की प्रति इकाई लागत 1.244 लाख रुपये है, जिसमें 90 प्रतिशत यानी 1.11960 लाख रुपये अनुदान का प्रावधान है.

उन्होंने बताया कि ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों में से नियमानुसार लाभुकों का चयन किया गया है. सभी चयनित लाभुक मत्स्य विपणन एवं मत्स्य शिकार कार्य से जुड़े हुए है.

जिला मत्स्य पदाधिकारी ने बताया कि मत्स्य परिवहन वाहन योजना एवं नाव पैकेज योजना के तहत चयनित लाभुकों द्वारा स्वयं एजेंसी का चयन किया गया है.

इस योजना के तहत अनुदान राशि का भुगतान संबंधित एजेंसी को किये जाने का प्रावधान है. दोनों योजनाओं में अनुदान की कुल राशि 12.74 लाख रुपये है.

निष्कर्ष
गौरतलब है कि सरकार मछली पालन को बढ़ावा देने का काम रही है. बिहार में मछली पालन का काम तेजी के साथ अपनाया भी जा रहा है. जिसका फायदा मछली किसानों को मिल रहा है. हाल ही में आंकड़ा जारी किया गया था, जिसमें ये बताया गया था कि बिहार से 39 हजार टन मछलियां बिहार से बाहर भेजी जा रही हैं. जिसमें नेपाल और भारतीय शहर भी शामिल हैं.

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