नई दिल्ली. महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के नवापुर में बर्ड फ्लू फैलने की जानकारी सामने आ रही है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ऐसे हालात पर काबू पाने के लिए पिछले दिनों 44 हजार से ज्यादा मुर्गियों को मार दिया गया है. इसके अलावा 39 हजार अंडों को नष्ट करने का काम भी जिला प्रशासन की ओर से किया गया है. जबकि 58 हजार किलो ग्राम मीट को भी नष्ट किया गया है. इसके चलते पोल्ट्री फार्मर का हजारों का नुकसान हुआ है और उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा है. जबकि पूरे जिले में और आसपास के भी शहरों में दशहत जैसा माहौल है.
इस संबंध में जिलाधिकारी मिताली सेठी ने कहा कि पोल्ट्री कारोबारी को तुरंत मुआवजा देने का निर्देश दिया गया है. ताकि पोल्ट्री फार्मर्स को कुछ राहत पहुंचाई जा सके. उन्होंने कहा कि मैं नवापुर के सभी मुर्गी पालक और कारोबारी से अपील करती हूं कि 5 किलो मीटर के कंटेनमेंट जोन में न जाएं. क्योंकि बर्ड को बहुत ज्यादा संक्रमण है. इसे रोकने के लिए संक्रमण को और ज्यादा फैलने से बचाने के लिए हर मुमकिन कोशिश करनी ही होगी.
पशुपालन विभाग ने शुरू की निगरानी
उन्होंने कहा कि मैंने लोगों से सहयोग करने की अपील भी की है. वहीं दूसरी ओर पड़ोसी राज्य गुजरात के तापी जिले में पशुपालन विभाग ने भी निगरानी शुरू कर दी गई है.
पशुपालन विभाग के अधिकारी डॉ. रवि गोंडलिया ने बताया कि जिले में निगरानी की जा रही है लेकिन अभी तक किसी भी बर्ड में बर्ड फ्लू की पुष्टि नहीं हुई है, ना ही उनकी मौत की खबर सामने आई है.
निगरानी के लिए पोल्ट्री फार्म से सैंपल लिए गए हैं और इसकी जांच भी करवाई गई है. इसके लिए सूरत से आई टीम ने सैंपल लेने का काम किया है.
वहीं महाराष्ट्र में फैली इस बीमारी के कारण होटल कारोबार पर भी असर दिखाई दे रहा है. लोग बर्ड फ्लू के खतरे के बीच होटल में जाना बंद कर चुके हैं.
होटल के कारोबारियों का का कहना है कि जब से बर्ड फ्लू की बात सामने आई है तब से पूरा काम ठप पड़ा हुआ है. स्थानीय लोग चिकन खा रहे हैं.
हालांकि बाहर से आने वाले लोग चिकन की कोई भी डिश नहीं खा रहे हैं. इससे होटल कारोबारियों को नुकसान हो रहा है.
गौरतलब है कि बर्ड फ्लू की बीमारी इतनी खतरनाक होती है कि एक बार फैल जाने पर पोल्ट्री कारोबार को तबाह कर देती है. इससे पोल्ट्री कारोबारियों को बहुत नुकसान का सामना करना पड़ता है.









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