नई दिल्ली. अगर आप मुर्गी पालन कर रहे हैं तो इस बात से वाकिफ ही होंगे कि मुर्गी पालन करने के दौरान मुर्गियों को कई बीमारियों का खतरा रहता है. बीमारियों की वजह से पोल्ट्री फार्मिंग की लागत और ज्यादा बढ़ जाती है. जिससे पोल्ट्री फार्मिंग में होने वाला मुनाफा काफी हद तक कम हो जाता है. वैसे तो सबसे ज्यादा इस काम में खर्च फीड पर होता है लेकिन इसके बाद दवा और वैक्सीनेशन पर भी खर्च खूब होता है. एक्सपर्ट कहते हैं कि अगर पोल्ट्री फार्मर स्मार्ट तरीके से पोल्ट्री फार्मिंग करें और दवा पर होने वाले खर्च को कम करें तो इससे पोल्ट्री फार्मिंग के काम में उन्हें फायदा मिल सकता है.
बताते चलें कि बाजार से खरीदी हुई दवा जाहिर सी बात है कि महंगी पड़ेगी. वहीं अगर देसी तरीके से मुर्गियों का इलाज किया जाए तो सस्ते में इलाज हो जाएगा और इससे मुनाफा भी बढ़ जाएगा. एक्सपर्ट के मुताबिक मुर्गियों को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो मुर्गियों को हल्दी जरूर से देना चाहिए.
हल्दी है मुर्गियों के लिए वरदान
मुर्गियों को जख्म हो जाए या मुर्गियों को अगर कहीं चोट लगती है तब आप लोग कच्ची हल्दी को कूट के उस जगह पर अच्छे से लगा सकते हैं. इससे मुर्गियों को राहत मिलती है.
इसके अलावा कच्ची हल्दी या पाउडर दोनों ही एंटीबायोटिक का काम करती है. इसलिए भी हल्दी फायदेमंद साबित हो सकती है.
कच्ची हल्दी को पीस के उसका रस निकाल के पानी में मिक्स करके मुर्गियों को पीने के लिए दे सकते हैं. इससे उन्हें अच्छा महसूस होता है.
अगर कच्ची हल्दी नहीं है तो आप लोग हल्दी का पाउडर भी इस्तेमाल कर सकते हैं. ये भी फायदा पहुंचाएगा.
इसके लिए हल्दी के पाउडर को पानी या फीड में मिक्स करके मुर्गियों को खाने के लिए दे सकते हैं.
हल्दी एंटीबायोटिक का काम करती है. इसके अलावा हल्दी खाने से मुर्गियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ जाती है.
जिसकी वजह से मुर्गियां बीमारियों से लड़ पाती हैं. कोई भी बीमारी मुर्गियों पर अटैक नहीं कर पाती है.
निष्कर्ष
पोल्ट्री एक्सपर्ट कहते हैं कि पोल्ट्री फार्मिंग में बीमारियां होना आम बात है. इसलिए बीमारियों से बचाव के तमाम तरीकों के बारे में एक पोल्ट्री फॉर्मर को जानना चाहिए. क्योंकि कहीं न कहीं इसका फायदा और नुकसान इस बात पर टिका होता है कि आप मुर्गियों को कैसे बीमारियों से बचा पाते हैं और कैसे बीमारियों पर आने वाले खर्च को कम कर पाते हैं.











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