नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) ने तेलंगाना राज्य में सहकारी समितियों के विकास में सहायता के लिए तेलंगाना सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए. इस समझौते का उद्देश्य तेलंगाना में सहकारी बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और दूध की खरीद में वृद्धि करना है. साथ ही बेहतर बुनियादी ढांचे, तकनीकी सहायता और डेयरी कार्यों के पेशेवर प्रबंधन के माध्यम से छोटे और सीमांत डेयरी किसानों की आजीविका में सुधार करना है. जिससे उन्हें आने वाले वक्त में फायदा होगा.
गौरतलब है कि यह पहल ‘श्वेत क्रांति 2.0’ (White Revolution 2.0) के व्यापक उद्देश्यों के अनुरूप है और इसका लक्ष्य राज्य में दूध प्रबंधन क्षमताओं तथा सहकारी डेयरी विकास को सुदृढ़ करना है. इस मौके पर मंत्री, पशुपालन, डेयरी विकास और मत्स्य पालन, खेल और युवा सेवाएँ, तेलंगाना सरकार वकिति श्रीहरि, विधायक बीरला इलाइया, NARMACS के अध्यक्ष मधुसूदन रेड्डी और एनडीडीबी के तमाम अधिकारी मौजूद रहे.
मदर डेयरी के जरिए होगा सुधार
इस MoU के तहत, NDDB अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, मदर डेयरी के माध्यम से, NARMACS डेयरी प्लांट के प्रोसेसिंग और बिक्री कार्यों का प्रबंधन करेगा.
तेलंगाना में सहकारी समिति के पुनरुद्धार और दीर्घकालिक स्थिरता को सुनिश्चित करने के लिए NDDB, मदर डेयरी और NARMACS के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता भी हस्ताक्षरित किया गया है.
NARMACS दूध की खरीद और जमीनी स्तर की गतिविधियों पर अपना ध्यान केंद्रित रखना जारी रखेगा.
यह समझौता आधुनिकीकरण और परिचालन दक्षता में सुधार हेतु वित्तीय एवं तकनीकी सहायता का प्रावधान भी करता है.
NDDB और उसकी सहायक कंपनी, दूध की खरीद को मजबूत करने तथा संभावित गांवों में सहकारी समितियों के विस्तार करेगी.
इसके लिए सुनियोजित क्षमता-निर्माण सहायता, मानव संसाधन के लिए तकनीकी प्रशिक्षण, विस्तार सेवाएँ और परामर्श संबंधी सहायता भी प्रदान करेंगे.
तेलंगाना सरकार ने डेयरी कार्यों को मजबूत करने के लिए आवश्यक अनुमतियों और बुनियादी ढांचे संबंधी सहायता सहित, परिचालन संबंधी सहयोग प्रदान करने पर अपनी सहमति व्यक्त की है.
इस MoU में NARMACS के कार्यक्षेत्रों में पशु प्रजनन, पशु स्वास्थ्य, पोषण और सहकारी सेवाओं के क्षेत्र में तकनीकी हस्तक्षेपों का भी प्रावधान है.











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