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Poultry Disease: आपकी मुर्गियों को है रानीखेत बीमारी का खतरा, सही तरीके से दें वैक्सीन का डोज

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पोल्ट्री फॉर्म में चूजे. live stock animal news

नई दिल्ली. अप्रैल का महीना शुरू होते ही मौसम तेजी के साथ बदलना शुरू हो जाता है. दिन के समय में गर्मी होती है और देर रात तक मौसम तब्दील होता है, जबकि रात में ठंड का एहसास भी होता है. इसके चलते मुर्गियों में बहुत सारी बीमारियां होने का खतरा मंडराने लगता है. इसके चलते सबसे बड़ा नुकसान ये होता है कि मुर्गियों में मृत्यु दर बहुत ज्यादा दिखाई देती है. जिससे पोल्ट्री फार्मिंग का काम एक झटके में नुकसान में तब्दील हो जाता है. जबकि कोई भी मुर्गी पालक नहीं चाहेगा कि उसके फार्म में मुर्गियों की मौत हो. क्योंकि उसे पता है कि इससे नुकसान होना तय है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अप्रैल के महीने में सबसे ज्यादा मुर्गियों में रानीखेत की बीमारी का असर दिखाई देता है. क्योंकि ये बीमारी बेहद ही खतरनाक बीमारी होती है और अगर ये बीमारी मुर्गियों के झुंड में आ गई तो फिर उन्हें बचाना बहुत मुश्किल होता है.

क्या होता है इस बीमारी में
जानकारी के लिए बता दें कि रानीखेत बीमारी जब मुर्गियों पर अटैक करती है तो उन्हें सांस लेने में सबसे ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ता है.

मुर्गियां अजीब सी आवाज निकालती हैं. जिससे यह महसूस होता है कि वह बेहद तकलीफ से गुजर रही हैं.

वहीं इस बीमारी के अटैक करते ही मुर्गियां सुस्त भी नजर आने लगती हैं और एक ही जगह पर बैठी रहती हैं. आगे पीछे नहीं आती जाती हैं.

इस बीमारी के होने के चलते मुर्गियां हरे रंग का बीट करती हैं और उनकी कलंगी काली हो जाती है.

इतना ही नहीं मुर्गियां दाना पानी खाना कम कर देती हैं. इसके चलते भी वह बेहद कमजोर हो जाती हैं.

वैक्सीन जरूर लगवाएं
जब एक दिन के चूजे फॉर्म में लाते हैं तो 5 से लेकर 7 दिन के अंदर चूजों को एक आंख में एक बूंद रानीखेत की वैक्सीन देना चाहिए.

आपको बता दें कि रानीखेत वैक्सीन को एफ 1 वैक्सीन भी कहा जाता है. इसलिए वैक्सीन आप लोगों को समय पर चूजों को देना जरूरी होता है.

उसके बाद जब 21 के चूजे हो जाएं तो दूसरी आंख में एक बूंद वैक्सीन दी जाती है. इसे बूस्टर डोज कहा जाता है.

वहीं अगर आपको आंख में वैक्सीन देने में दिक्कत आ रही है तो आप पानी में मिक्स करके भी वैक्सीन को दे सकते हैं लेकिन देना जरूरी होता है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पहली वैक्सीन आंख में देना ही जरूरी है. जबकि दूसरी वैक्सीन आप पानी में मिक्स करके दे सकते हैं.

निष्कर्ष
ये बीमारी बेहद ही भयंकर बीमारी है और इस बीमारी से अगर आप मुर्गियों को बचाना चाहते हैं तो समय पर मुर्गियों को रानीखेत की वैक्सीनेशन करना चाहिए. अगर समय पर रानीखेत की वैक्सीन सही तरीके से नहीं देते हैं तो बीमारी से नहीं बचा पाएंगे.

Written by
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