नई दिल्ली. बिहार में डेयरी और मत्स्य विकास के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाने का फैसला लिया है. इसके लिए सरकार की ओर से राज्य की पंचायतों में पशु सहायक की नियुक्ति किए जाने का फैसला लिया गया है. जानकारी के लिए बता दें कि
राज्य की 8053 पंचायतों में पशु सहायक की नियुक्ति की जाएगी. ये डेयरी और मत्स्य विकास के लिए काम करेंगे. इस संबंध में मत्स्य, डेयरी और पशु संसाधन विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है. जल्द ही इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. मंजूरी मिलते ही इस काम को तेजी के साथ किया जाएगा.
बता दें कि भर्ती हाने वाले पशु सहायक नस्ल सुधार कार्यक्रम के जरिये दूध उत्पादन बढ़ाने में मदद करेंगे. डेयरी विकास के लिए विकास भवन में गुरुवार को हुए कार्यक्रम के दौरान विभाग सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने इस बात की जानकारी दी है. विभाग के मंत्री सुरेंद्र मेहता की मौजूदगी में डेयरी निदेशालय और सीआईआई के बीच करार पर हस्ताक्षर हुआ. इसी के साथ ‘प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन पार्टनरशिप’ की औपचारिक शुरुआत हुई है.
राज्य में डेयरी संयंत्रों की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी
वहीं 24,228 गांवों में डेयरी समिति भी बनेगी. विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने कहा कि सीआईआई के साथ मिलकर डेयरी संयंत्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी.
वर्तमान में बिहार का डेयरी नेटवर्क पूर्वोत्तर भारत और झारखंड तक सीमित है. इसे विस्तारित कर पूर्वी उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बाजारों तक पहुंचाया जाएगा.
सीआईआई इस परियोजना में उत्पाद मार्केटिंग और रणनीति के स्तर पर सहयोग देगी. 8,053 पंचायतों में ‘सुधा केंद्र’ स्थापित किए जाएंगे.
इस दौरान कॉम्फेड के प्रबंध निदेशक समीर सौरभ, सीआईआई बिहार के उपाध्यक्ष अखिल कोछर आदि ने भी विचार रखे.
विकास भवन में गुरुवार को डेयरी निदेशालय के बीच एमओयू के मौके पर मौजूद मत्स्य, डेयरी और पशु संसाधन विभाग के मंत्री सुरेंद्र मेहता, सचिव शीर्षत कपिल अशोक और दोनों विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे.
डेयरी उत्पाद को वैश्विक पहचान मिलेगी
मत्स्य, डेयरी और पशु संसाधन विभाग के मंत्री सुरेंद्र मेहता ने कहा कि सीआईआई की मदद से बिहार डेयरी उद्योग को वैश्विक पहचान दिलाई जाएगी.
यह रणनीतिक साझेदारी बिहार के डेयरी विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी.
टिकाऊ डेयरी फार्मिंग को बढ़ावा देना और बाजार आधारित विकास को सुनिश्चित करना है. इससे किसानों की आय बढ़ेगी.
दूध उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित कर बिहार को डेयरी क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा.











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