नई दिल्ली. पोल्ट्री फार्मिंग के बिजनेस में सबसे ज्यादा नुकसान मुर्गियों को होने वाली तमाम बीमारियों की वजह से होता है. अगर बीमारी का असर मुर्गियों पर एक बार हो जाए तो फिर इससे उत्पादन तो प्रभावित होता है. वहीं अगर मुर्गियां बीमारियों से प्रभावित होकर मरने लगें तो फिर बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. जैसे आज कल गर्मियां चल रही हैं. गर्मियों में भी कई ऐसी बीमारियां हैं जो मुर्गियों को परेशान करती हैं और इससे उत्पादन प्रभावित होता है. अगर इनसे बचाव न किया जाए तो ये काम बंद भी हो सकता है.
पोल्ट्री एक्सपर्ट कहते हैं कि गर्मी के मौसम में सबसे ज्यादा खतरा मुर्गियों को हीट स्ट्रोक की वजह से होता है. वहीं डायरिया यानि पतले दस्त और क्रॉनिक रेस्पिरेट्री डिजीज यानी सीआरडी, जिसे सांस में तकलीफ की बीमारी भी कहा जाता है, इसका भी खतरा बहुत ज्यादा होता है. वहीं मुर्गियों को कॉक्सीडियोसिस नाम की बीमारी भी परेशान करती है. इससे भी नुकसान होता है.
हीट स्ट्रोक
असल मुर्गियों को पसीने की ग्रंथिया नहीं होती हैं. इसलिए वो शरीर की गर्मी को हांफ कर बाहर निकालती हैं. हीट स्ट्रोक की वजह वो सुस्त हो जाती हैं. इससे गर्मी बाहर नहीं निकल पाती मुर्गियां पानी ज्यादा पीती हैं.
डायरिया
इसी तरीके से डायरिया में मुर्गियों को तनाव की वजह से काफी ज्यादा कमजोर हो जाती हैं खराब या हाजमे की वजह से दस्त आने लगते हैं. इसके कारण सफेद हल्के रंग की बीट करने लगती हैं.
सीआरडी
सीआरडी की बीमारी में मुर्गियों को सांस लेने में दिक्कत आती है. इस बीमारी मे मुर्गियां अजीब तरह की आवाज निकालती हैं और आंखों से पानी भी आने लगता है.
कॉक्सीडियोसिस
जबकि कॉक्सीडियोसिस बीमारी में मुर्गियों को खून के दस्त होने लगते हैं. जिससे वह कमजोर हो जाती हैं.
निष्कर्ष
ये कुछ ऐसी बीमारियां हैं, जिनके लक्षणों को पहचान कर और वेटरनरी डॉक्टर से सलाह लेकर मुर्गियों को बचाया जा सकता है. इससे आप खुद को पोल्ट्री फार्मिंग में होने वाले नुकसान से भी बचा पाएंगे और अच्छा मुनाफा भी कमा पाएंगे.









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