नई दिल्ली. राजस्थान के पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता पशुपालकों की आय में वृद्धि, पशुधन स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती और इनावेशन आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देना है. विभागीय योजनाओं का फायदा प्रदेश के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाना ही हमारी सरकार का लक्ष्य है. बैठक में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मंगला पशु बीमा योजना तथा सैक्स सॉर्टेड सीमन के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान (एआई) कार्यक्रम की विस्तृत समीक्षा की गई.
समीक्षा बैठक में संयुक्त शासन सचिव दिनेश कुमार जांगिड़, पशुपालन निदेशक डॉ सुरेश चंद मीना, निदेशक राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग, निदेशक सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग, पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक जिलों से विभाग के अतिरिक्त निदेशक और संयुक्त निदेशक तथा योजनाओं से संबंधित नोडल अधिकारी उपस्थित थे. जिलों के पशु चिकित्सा अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में उपस्थित रहे.
टारगेट को पूरा करने का दिया निर्देश
वहीं बैठक में पशुपालन मंत्री ने मंगला पशु बीमा योजना और सेक्स सॉर्टेड सीमन से कृत्रिम गर्भाधान योजना की समीक्षा करते हुए दोनों योजनाओं के काम में जल्दी करते हुए जल्द से जल्द इसके लक्ष्य को प्राप्त करने के निर्देश दिए.
कुमावत ने मंगला पशू बीमा योजना की अब तक की प्रगति पर नाराजगी जताते हुए राज्य में चल रहे ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से 15 जुलाई तक लक्ष्य प्राप्ति के स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए.
कहा कि लक्ष्य की प्राप्ति नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि शिविरों की पूर्व तैयारी करने से ही परिणाम आएगा.
इसके लिए अधिकारी गंभीरता से काम करें। उन्होंने विभाग और एसआईपीएफ के आपसी समन्वय से काम करने पर बल दिया जिससे लक्ष्य को पूरा करने में आसानी हो.
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंगला पशु बीमा योजना का लाभ अधिक से अधिक पशुपालकों तक पहुंचाया जाए.
उन्होंने कहा कि पशुधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए पशु बीमा योजना का प्रभावी संचालन आवश्यक है.
बैठक में तय किया गया कि कार्य को गति देने के लिए कृषि सखी और पशु सखी का सहयोग लिया जाए.
उन्होंने निर्देश दिए कि योजना में एक वर्ष पूरे कर चुके बीमा पॉलिसीयों का समय पर निर्धारित विधि से नवीनीकरण किए जाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएं.
उन्होंने योजना में जुड़े हुए सभी पशु चिकित्सकों एवं सर्वेयर को नियमानुसार मानदेय का भुगतान शीघ्र किये जाने पर भी बल दिया.
समीक्षा के दौरान सैक्स सॉर्टेड सीमन के उपयोग से किए जा रहे कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम की प्रगति पर भी चर्चा की गई.
मंत्री कुमावत ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उन्नत नस्लों के संवर्धन तथा दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से इस तकनीक का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए.
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तकनीकों को बढ़ावा देकर पशुपालकों की आय में वृद्धि की जा सकती है.
अधिकारियों ने योजनाओं की प्रगति, लक्ष्य प्राप्ति की स्थिति की जानकारी देते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने का आश्वासन दिया.










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