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Animal Husbandry: पशु के पेट के कीड़ों को जड़ से नहीं करेंगे खत्म तो होगा भारी नुकसान

सीता नगर के पास 515 एकड़ जमीन में यह बड़ी गौशाला बनाई जा रही है. यहां बीस हजार गायों को रखने की व्यवस्था होगी. निराश्रित गोवंश की समस्या सभी जिलों में है इसको दूर करने के प्रयास किया जा रहे हैं.
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. पशुपालन करने वाले पशुपालक इस बात से बखूबी वाकिफ हैं कि पशुओं के पेट में कीड़े (वर्म्स) होना एक आम समस्या है, लेकिन ये गंभीर भी बहुत है. इससे पशुओं की ग्रोथ पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है. पशु के दूध देने की क्षमता बिल्कुल से कम हो जाती है. पशु हर वक्त सुस्त नजर आते हैं. ऐसे में पशुओं को कीड़ों की समस्याओं से बचाना बेहद ही जरूरी काम हो जाता है. नहीं तो आपको बहुत नुकसान होगा. इसलिए जरूरी है कि हर 3 महीने में अपने पशु चिकित्सक की सलाह से कृमिनाशक दवा (डीवर्मिंग) देना शुरू कर दें. क्योंकि इस समस्या का सबसे पक्का समाधान यही है.

ये भी जान लें कि जब पशु के पेट में कीड़े होते हैं तो वो मिट्टी या दीवारें चाटना शुरू कर देते हैं. पशु जब कमजोर हो जाता है तो चारा खाने के बावजूद पशु कमजोर होने लगता है और उसका पेट लटक जाता है. इसके अलावा गोबर मटमैले रंग का बदबूदार आता है. दस्त आना या गोबर में कीड़े दिखना सामान्य है.

पशुओं के पेट के कीड़े ‘मारने का सही तरीका जानें यहां
सबसे पहले तो सही दवा का चयन करें. पशु चिकित्सक की सलाह लेकर दवा लें.

पेट के कीड़ों पर प्रभावी दवा का इस्तेमाल बेहद ही जरूरी है.

आंतरिक व बाहरी परजीवियों पर प्रभावी दवाओं का इस्तेमाल पशु चिकित्सक की सलाह अनुसार ही करें.

गर्भित पशुओं में सावधानी आवश्यक है. प्रारंभिक गर्भावस्था में उपयोग न करें.

दवा का चयन पशु चिकित्सक की सलाह से करें.

दवा देने के सही तरीके की बात करें तो पहले पशु को गुड़ खिलाएं.

सुबह खाली पेट दवा देना उचित माना जाता है.

दवा देने के बाद 2 घंटे तक पशु को कुछ न खिलाएं.

दवा से 30 मिनट पहले थोड़ा गुड़ देना जरूरी होता है.

सुबह खाली पेट कृमिनाशक दवा दें, सर्वोत्तम प्रभाव के लिए.

बड़े पशु, बछड़े को दवा बदल-बदल कर दें.

हर 3-4 महीने में कृमिनाशक दवा देना सही होता है.

जन्म के 10-15 दिन बाद से ही कीड़ों की दवा देना शुरू करें.

फिर हर महीने एक ही दवा लगातार न दें, समय-समय पर कृमिनाशक बदलें.

दवा देने के बाद देखभाल के तौर पर अगले 5-7 दिनों तक लीवर टॉनिक दें.

इससे पशु की भूख बढ़ती है.

पाचन सुधरता है और पशु का स्वास्थ्य बेहतर रहता है.

निष्कर्ष
यदि आप इस तरह से पशु को कृमिनाशक दवा देते हैं तो फिर पशुपालन में पशुओं को कीड़े की समस्या नहीं होगी. इससे पशुपालन के काम में आपको नुकसान भी नहीं होगा.

Written by
Livestock Animal News Team

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