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Animal Husbandry: एफएमडी से बचाने के लिए पशुओं को घर-मुफ्त में लगेगी वैक्सीन

cow and buffalo farming
प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली. बिहार के कटिहार के बरारी प्रखंड तहत स्थित प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय परिसर में पशुओं में होने वाले खुरपका एवं मुंहपका (एफएमडी) रोग की रोकथाम के उद्देश्य से 45 दिवसीय विशेष टीकाकरण अभियान शुरू किया गया. अभियान के तहत बरारी प्रखंड की सभी 22 पंचायतों में घर-घर जाकर चार माह से अधिक आयु के गाय एवं भैंसों का निःशुल्क टीकाकरण किया जाएगा. विभाग ने इस अभियान के दौरान करीब 33 हजार पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया है. कार्यक्रम में पशुओं के टीकाकरण, टैगिंग, टांगग, दवाओं की उपलब्धता, अभियान के सफल संचालन एवं पंचायतवार कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई.

साथ ही टीकाकर्मियों को अभियान को निधर्धारित समयसीमा के भीतर सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए. अभियान का शुभारंभ शुभारंभ उत्तरी उत्तरी भंडारतल पंचायत के मुखिया नवल किशोर कौशिक ने फीता काटकर किया. उन्होंने हरी झंडी दिखाकर टीकाकरण टीमों को रवाना किया तथा पशुपालकों से अपील की कि वे अपने पशुओं का समय पर टीकाकरण कराकर उन्हें गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखें.

45 दिनों तक चलेगा अभियान
प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी डॉ मुकेश कुमार वर्णवाल ने बताया कि 10 जुलाई से शुरू हुआ यह अभियान लगातार 45 दिनों तक चलेगा.

इस दौरान बरारी प्रखंड की सभी 22 पंचायतों के प्रत्येक गांव में चार माह से अधिक आयु के गाय एवं भैंसों का निःशुल्क एफएमडी टीकाकरण किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि पशुपालकों को किसी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा तथा विभाग की टीम उनके गांवों तक पहुंचकर टीकाकरण करेगी.

उन्होंने बताया कि खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) एक अत्यंत संक्रामक वायरल रोग है, जो मुख्य रूप से गाय, भैंस सहित अन्य दुधारू एवं खुर वाले पशुओं को प्रभावित करता है.

इस बीमारी के कारण पशुओं में तेज बुखार, मुंह से अत्यधिक लार गिरना, जीभ एवं मसूड़ों में छाले, खुरों में घाव तथा चारा खाने में कठिनाई जैसी समस्याएं होती हैं.

समय पर उपचार एवं टीकाकरण नहीं होने पर पशुओं की उत्पादन क्षमता प्रभावित होती है और गंभीर स्थिति में उनकी मृत्यु भी हो सकती है. इसलिए नियमित टीकाकरण ही इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है.

जिला नोडल पदाधिकारी (मैत्री) डॉ रंजीत कुमार ने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए सभी पंचायतों में विशेष निगरानी रखी जाएगी.

टीकाकरण कार्य की प्रतिदिन समीक्षा होगी ताकि निधर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा किया जा सके. अभियान में बरारी प्रखंड की सभी 22 पंचायतों के टीकाकर्मी एवं मैत्री कार्यकर्ता सक्रिय रूप से भाग लेंगे.

ये टीमें पंचायतवार भ्रमण कर पशुपालकों के घरों तक पहुंचेंगी और पात्र पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण करेंगी.

विभाग ने सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने पशुओं को टीकाकरण से वंचित न रखें तथा टीकाकरण दल का सहयोग करें, ताकि खुरपका-मुंहपका रोग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके.

Written by
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