नई दिल्ली. केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने लखीसराय के चानन प्रखंड में प्रस्तावित सेक्स-सॉर्टेड सीमन स्टेशन के स्थल का निरीक्षण किया. लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाले इस अत्याधुनिक केंद्र में उच्च गुणवत्ता वाले सेक्स-सॉर्टेड सीमन डोज तैयार किए जाएंगे. इस अवसर पर बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक तथा एनडीडीबी के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे.मंत्री राजीव रंजन सिंह ने बताया कि बताया कि इस तकनीक से कृत्रिम गर्भाधान के बाद लगभग 90 प्रतिशत तक बछिया जन्म लेने की संभावना रहती है.
इससे दुग्ध उत्पादन एवं पशुपालकों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी. परियोजना से लखीसराय सहित आसपास के जिलों के पशुपालकों को लाभ मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.परियोजना की स्थापना हेतु एनडीडीबी को तकनीकी परामर्श, परियोजना प्रबंधन एवं निधि प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
उत्पादकता को नई गति मिलना तय
एनडीडीबी ने क्रियान्वयन संबंधी गतिविधियां प्रारम्भ कर दी हैं और लागू तकनीकी मानकों के अनुरूप स्टेशन की योजना, डिजाइन एवं स्थापना के लिए आवश्यक तकनीकी विशेषज्ञता उपलब्ध करा रही है.
बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड (काँमफेड) और राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड के संयुक्त प्रयास से लगभग 100 करोड़ रुपये की परियोजना-सेक्स-सॉर्टेड सीमेन के माध्यम से बिहार की दुग्ध उत्पादकता में नई क्रांति आएगी.
बिहार में पशुधन की आनुवंशिक गुणवत्ता में सुधार, आधुनिक प्रजनन तकनीक के विस्तार तथा दुग्ध उत्पादन एवं दुग्ध उत्पादकता को नई गति मिलना तय है.
बताते चलें कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना भारत सरकार के राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत स्वीकृत परियोजना के आधार पर स्थापित की जा रही है.
परियोजना का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड (कॉमफेड) द्वारा किया जाएगा.
जबकि इसके निर्माण एवं तकनीकी पहलुओं में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) द्वारा महत्वपूर्ण तकनीकी सहयोग प्रदान किया जा रहा है.











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