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MP Dairy Sector: सांची ब्रांड होगा मजबूत, दूध कलेक्शन बढ़ेगा, 2973 करोड़ रुपए हुए मंजूर

भैंस को दिन में दो-तीन बार नहलाना चाहिए.
प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश को डेयरी कैपिटल बनाने के लिए सरकार कई प्रयास कर रही है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसानों के साथ खड़ी है. उनकी इनकम को बढ़ाने के लिए कोशिश कर रही है. सीएम ने बताया कि सरकार डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत गाय या भैंस की डेयरी इकाई स्थापित करने पर 10 लाख रुपये तक का अनुदान दे रही है. वहीं प्रदेश में डेयरी सेक्टर को मजबूत करने के लिए अगले पांच साल का रोडमैप सरकार की तरफ से तैयार कर लिया गया है. जिसके जरिए डेयरी किसानों को भी फायदा होगा.

कहा कि प्रदेश की ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अगले 5 साल में रोजाना दूध कलेक्शन 12 लाख किलोग्राम से ज्यादा बढ़ाया जाएगा. सरकार का प्लान है कि 12 लाख किलोग्राम से दूध कलेक्शन को बढ़ाकर 52 लाख किलोग्राम किया जाएगा.

सांची ब्रांड को मजबूत किया जाएगा
कैबिनेट ने दूध उत्पादकों से जुड़ी सहकारी प्रणाली व सांची ब्रांड को मजबूत करने के लिए भी बजट जारी किया है.

सरकार की ओर से बताया गया है कि एनडीडीबी के प्रस्तावित योजना के लिए 2973 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं.

इसका एक बड़ा फायदा होगा. बताया जा रहा है कि इससे दूध कलेक्शन का दायरा 7331 गांवों से 26 हजार गांवों तक होगा.

दूध प्रोसेसिंग क्षमता को 17.8 लाख लीटर से 63.3 लाख लीटर रोज किया जाएगा.

वर्तमान में रोज दूध पैकेट से 7 लाख लीटर दूध बिक रहा है, इसे अब 35 लाख लीटर किया जाएगा.

पैकेट के दूध बिक्री बढ़ाने का फायदा आम लोगों को सबसे ज्यादा मिलेगा. क्योंकि उन्हें इससे अच्छी क्वालिटी का दूध मिलेगा.

जबकि इसके लिए ज्यादा दूध कलेक्शन करना होगा. ज्यादा दूध कलेक्शन तभी होगा, जब डेयरी किसानों से ज्यादा दूध खरीदा जाए.

डेयरी किसानों से ज्यादा दूध खरीदने पर उन्हें दूध उत्पादन का सही दाम भी सरकार देगी. इसमें बिचौलियों का भी कोई चक्कर नहीं होगा.

सरकार की ओर से कहा गया है कि कृत्रिम गर्भाधान कवरेज 15 से 50 परसेंट किया जाएगा. ताकि इसका भी फायदा डेयरी किसानों को मिल सके.

एमपी स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन व राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के बीच पिछले साल हुए अनुबंध के तहत एनडीडीबी ने राज्य सरकार को प्रस्ताव दिया था.

इसके तहत मप्र सरकार 500 करोड़ रुपए इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करेगी, जबकि केंद्र की योजनाओं के क्रियान्वयन पर 241 करोड़ रुपए राज्यांश देगी.

निष्कर्ष
असल में सरकार राज्य को डेयरी कैपिटल बनाकर किसानों की इनकम को बढ़ाना चाहती है. सरकार के इन कामों से किसानों की आय बढ़ेगी.

Written by
Livestock Animal News Team

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