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खबरें दिनभर की: लाइव अपडेट्स

सितम्बर 9, 2026 f 𝕏

ये खबरें दिनभर की लाइव स्टोरी हैं.

लाइव अपडेट्स

  1. इक्वेस्ट्रियन फेडरेशन ऑफ इंडिया प्रतियोगिता में बीकानेर का शानदार प्रदर्शन

    इक्वेस्ट्रियन फेडरेशन ऑफ इंडिया प्रतियोगिता में 1 राज. आर एण्ड वी एन.सी.सी. पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय, बीकानेर की 1 राज. आर एण्ड वी एन.सी.सी. स्क्वाड्रन यूनिट के कैडेट्स ने इक्वेस्ट्रियन फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा जयपुर में आयोजित प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 15 पदक अर्जित कर वेटरनरी विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया. इस प्रतियोगिता में भारतीय सेना की 61 कैवेलरी यूनिट और इक्वेस्ट्रियन फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित आठ दिवसीय राष्ट्र स्तरीय प्रतियोगिता में आर्मी, नेवी, बीएसएफ और देश की अन्य आर्म्ड फोर्सेस की यूनिट्स के साथ विभिन्न हॉर्स राइडिंग क्लब्स की टीमों ने भाग लिया. कैडेट्स की इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास ने एन.सी.सी. यूनिट के पदक विजेता कैडेट्स, कमांडिंग ऑफिसर एवं एन.सी.सी. स्टाफ को बधाई एवं शुभकामनाएं दी.

  2. पशु उत्पादकता बढ़ाने पर दिया जोर

    राजस्थान पशुचिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, बीकानेर के कुलगुरु डॉ. सुमन्त व्यास ने सोमवार को पशुधन अनुसंधान केन्द्र, चांदन (जैसलमेर) का दौरा किया. कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास ने फार्म में पशु उत्पादकता बढ़ाने हेतु आधुनिक फार्म तकनीकों का उपयोग करने हेतु सुझाव दिया तथा थारपारकर गाय के महत्व को ध्यान में रखते हुए इस क्षेत्र का पर्यटन एवं आमजन के लिए विशेष केन्द्र के रूप में विकसित करने का सुझाव भी दिया. केन्द्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. मनीष कुमार ने केन्द्र पर चल रही विभिन्न परियोजओं जैसे थारपारकर गाय नस्ल के संरक्षण एवं संवर्धन परियोजना, मारवाड़ी बकरी संरक्षण परियोजना, चारा एवं चारा बीज उत्पादन परियोजना तथा पशुपालन डिप्लोमा पाठ्यक्रम आदि गतिविधियों एवं उपलब्धियों से अवगत करवाया। इस अवसर पर निदेशक कार्य (भू संपदा) डॉ. नरेन्द्र सिंह, ई.ओ. प्रतिभा पुरोहित एवं केन्द्र के कर्मचारी उपस्थित रहे.

  3. 'सुरक्षित और टिकाऊ फीड उत्पादन की बारीकी सीखी

    NDDB के एनिमल न्यूट्रिशन ग्रुप के ग्रुप हेड डॉ. राजेश शर्मा और साइंटिस्ट-III डॉ. पंकज एल. शेरासिया ने डेनमार्क में 'सुरक्षित और टिकाऊ फीड उत्पादन' पर डैनिडा फ़ेलोशिप सेंटर (DFC) के ट्रेनिंग प्रोग्राम में हिस्सा लिया. इस प्रोग्राम में फ़ीड की सुरक्षा और एफ्लाटॉक्सिन कंट्रोल, सही तरीके से फ़ीड खिलाने, चारे के मैनेजमेंट, प्रिसिजन डेयरी फ़ार्मिंग, क्लाइमेट-स्मार्ट प्रोडक्शन, मीथेन कम करने, GHG अकाउंटिंग, HACCP, ट्रेसिबिलिटी और सर्कुलर बायो-इकोनॉमी के बारे में जानकारी दी गई. डेनमार्क की फ़ीड मिलों, फ़ार्मों, लैबोरेटरी और रिसर्च संस्थानों के फ़ील्ड विज़िट से क्वालिटी एश्योरेंस, फ़ीड से जुड़े नियमों, डिजिटलाइज़ेशन और टिकाऊ प्रोडक्शन के तरीकों का व्यावहारिक अनुभव मिला. इससे मिली सीख NDDB के "फ़ील्ड-टू-फ़ीड-टू-मिल्क" (खेत से फ़ीड और फिर दूध तक) के नजरिए को और मजबूत करती है. साथ ही, यह भारतीय डेयरी सिस्टम के लिए सही तरीकों को अपनाने में मदद करेगी, जिससे डेयरी सेक्टर ज्यादा सुरक्षित, कुशल और टिकाऊ बन सकेगा.

  4. सितम्बर माह में पशुपालक ये काम जरूर करें

    सदैव स्वस्थ एवं सुडौल शरीर वाले पशु ही खरीदना चाहिए.

    यदि आपके क्षेत्र में खुरपका-मुंहपका (FMD) बीमारी का सुरक्षात्मक टीका सितंबर-अक्टूबर के महीनों में लगाया जाता है, तो टीकाकरण की अग्रिम तैयारी हेतु तुरंत अपने नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क करें. वैक्सीन लगवाने से आप पशुओं को खतरे से बचा सकते हैं.