नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश में पशुओं की संख्या बहुत ज्यादा है और यही राज्य देश में दूध उत्पादन के मामले में नंबर वन है. राज्य को और ज्यादा मजबूत बनाने के लिए सरकार की ओर से कई कदम उठाए गए हैं. यूपी सरकार राज्य के पशुपालकों को समृद्ध देखना चाहती है. ताकि उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भर बन सके. इसके लिए सरकार की तरफ से कई योजनाओं को शुरू किया गया है. उत्तर प्रदेश के डेयरी विकास विभाग की ओर से जानकारी दी गई है कि राज्य के किसानों को पशुपालन के काम से जोड़ने के लिए एक नहीं चार योजनाएं संचालित की जा रही हैं.
ताकि राज्य के किसानों की इनकम को बढ़ाया जा सके और उन्हें मजबूत किया जा सके. जिससे आने वाले समय में राज्य में दूध उत्पादन और बेहतर होगा और देश में नंबर वन दूध उत्पादक राज्य यूपी और ज्यादा अपनी स्थिति को मजबूत कर लेगा. आइए योजनाओं के बारे में जानते हैं.
योजनाओं के फायदे और डिटेल पढ़ें
स्वदेशी नस्लों की गायों के संरक्षण, संवर्धन और उनकी संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री स्वदेशी गो-संवर्धन योजना एक महत्वपूर्ण पहल की गई है.
इससे उन्नत स्वदेशी गोवंश से बेहतर दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही पशुपालकों की आय और आर्थिक अवसरों में भी वृद्धि होगी.
इससे स्वदेशी गोवंश को बढ़ावा दिया जा रहा है. पशुपालकों को सशक्त बनाया जा रहा है ताकि उत्तर प्रदेश डेयरी सेक्टर में नई ऊंचाइयों तक जाए.
सरकार की तरफ से मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के तहत दो उन्नत स्वदेशी गायों की खरीद पर लागत का 40 प्रतिशत अनुदान मिलता है.
ये सब्सिडी अधिकतम 80 हजार रुपए तक है. यदि आप गाय पालन करना चाहते हैं तो ये योजना आपको फायदा दे सकती है.
मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के तहत स्वदेशी नस्ल की उच्च दूध उत्पादकता वाली गायों को पालने पर पशुपालकों को दस से लेकर 15 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है.
नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के जरिए अच्छी नस्ल की देसी गायों की डेयरी स्थापित करने पर 50 प्रतिशत यानि 31.25 लाख तक की सब्सिडी सरकार से मिल सकती है.
मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के जरिए सरकार 10 स्वदेशी नस्ल की गायों की डेयरी यूनिट स्थापित करने पर 50 फीसद यानी अधिकतम 11.80 लाख तक की मदद दे रही है.
निष्कर्ष
इन योजनाओं का उद्देश्य है-पशुपालकों को सशक्त बनाना, बेहतर पशुधन को बढ़ावा देना और दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित करना है. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों के हित में संचालित योजनाएं पशुपालन को बढ़ावा देने, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि का मजबूत आधार बन रही हैं.












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