नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड एनडीडीबी के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह ने ‘रंगीलो काशी 2026’ के उद्घाटन समारोह में कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य है और यहां डेयरी क्षेत्र में किसानों की आय बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं. उन्होंने ‘रंगीलो’ को ऐसा मंच बताया, जहां किसान, सरकार, उद्योग, विशेषज्ञ एवं अन्य हितधारक एक साथ आकर चुनौतियों के समाधान तलाश सकते हैं तथा नवाचारों एवं उन्नत तकनीकों को साझा कर सकते हैं.
उन्होंने उत्तर प्रदेश में एनडीडीबी के प्रयासों का उल्लेख करते हुए बताया कि वाराणसी दुग्ध संघ के संचालन से लेकर काशी मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (काशी डेयरी Kashee Dairy) के माध्यम से किसानों से दुग्ध संकलन तक, डेयरी मूल्य शृंखला को सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है.
कई प्लांटों की ली जिम्मेदारी
वाराणसी दुग्ध संघ एनडीडीबी के प्रबंधन के तहत अपनी प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाते हुए आगे बढ़ रहा है.
साथ ही, उन्होंने भारत सरकार की योजना राष्ट्रीय गोकुल मिशन (आरजीएम) के अंतर्गत वाराणसी क्षेत्र में गिर परियोजना का उल्लेख किया.
जिसके माध्यम से किसानों को अच्छी गिर नस्ल के पशु उपलब्ध कराए गए, जिससे उन्हें पशुपालन में बेहतर लाभ प्राप्त हो सके.
डॉ. शाह ने बताया कि कानपुर, कन्नौज और गोरखपुर के डेयरी प्लाटों और अंबेडकरनगर के कैटल फीड प्लांट के संचालन की जिम्मेदारी भी एनडीडीबी ने ली है.
गोरखपुर संयंत्र पूरी क्षमता से संचालित हो रहा है, जबकि अन्य संयंत्रों को भी आने वाले वर्षों में उनकी पूर्ण क्षमता तक पहुंचाने तथा किसानों से अधिक दुग्ध संकलित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि एनडीडीबी की सोच किसान को केंद्र में रखकर ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक एवं आर्थिक बदलाव लाना और उनके जीवन में सुधार करना है.
इसी सोच के साथ एनडीडीबी उत्तर प्रदेश सरकार तथा अपनी सहयोगी संस्थाओं के साथ मिलकर प्रदेश के किसानों के लिए डेयरी को आय और समृद्धि का सशक्त माध्यम बनाने की दिशा में कार्य कर रही है.
उन्होंने ‘रंगीलो काशी’ के दो दिवसीय आयोजन को किसानों के लिए अच्छी नस्ल के पशुओं, नस्ल सुधार, पशु पोषण, रोग नियंत्रण और नवाचारों से जुड़ी जानकारी एवं अनुभव प्राप्त करने का अवसर बताया.
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि किसान इन जानकारियों एवं अनुभवों का उपयोग कर अपनी डेयरी गतिविधियों को अधिक लाभकारी बना सकेंगे.
उन्होंने यह भी कहा कि डेयरी केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन में आर्थिक और सामाजिक बदलाव का माध्यम भी है.
इसी दृष्टि के साथ एनडीडीबी और उसकी सहयोगी संस्थाएं उत्तर प्रदेश सरकार एवं किसानों के साथ मिलकर आगे भी डेयरी क्षेत्र को सुदृढ़ करने और किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.










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