Home पोल्ट्री Poultry Farming: बस कुछ सावधानी बरतें, चूजों की नहीं होगी मौत
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Poultry Farming: बस कुछ सावधानी बरतें, चूजों की नहीं होगी मौत

अगर चूजों की सही ग्रोथ नहीं होती है तो फिर पोल्ट्री फार्मिंग में ज्यादा फायदा नहीं होता है.
चूजों की प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. पोल्ट्री फार्मिंग की शुरुआत में अक्सर ऐसा होता है कि चूजों की मौत होने लगती है. इससे पोल्ट्री फार्मिंग का बिजनेस चलने से पहले ही बंद होने की कगार पर पहुंच जाता है. कई बार पोल्ट्री फार्मर्स की गलती के कारण भी ऐसा होता है. इसलिए पोल्ट्री फार्मिंग के दौरान सावधानी बरतना जरूरी होता है. इसके लिए ऐसा करें कि ​चूजों को ब्रूडर में तुरंत न छोड़ें. जब चूजे हैचरी से दूर का सफर तय करके फार्म पर पहुंचें, तो बक्से को तुरंत न खोलें. बक्से को ब्रूडिंग रूम में 5 से 10 मिनट तक ऐसे ही रखा रहने दें ताकि वे कमरे के तापमान के अनुकूल हो सकें.

पोल्ट्री एक्सपर्ट कहते हैं कि ​ब्रूडिंग तापमान पर भी ध्यान दें. ब्रूडिंग घर का तापमान 95°F (35°C) होना चाहिए. तापमान कम होने पर चूजे ठंड के कारण एक-दूसरे के ऊपर चढ़ जाते हैं और दबकर मर जाते हैं.

क्या और आवधानी बरतें
​हाइपोथर्मिया की जांच भी जरूरी है. बक्सा खोलते समय चूजों के पैरों को छूकर देखें.

यदि पैर ठंडे लगें तो वे हाइपोथर्मिया का शिकार हो रहे हैं और उन्हें तुरंत बल्ब की गर्माहट की आवश्यकता है.

​बिछावन (Litter) तैयार करना भी जरूरी है. फर्श पर धान की भूसी या लकड़ी का बुरादा बिछाएं और उसके ऊपर अखबार (न्यूज़पेपर) की दो परतें लगाएं.

​शुरुआती 1 से 1.5 घंटे का आहार व पानी दें. ​चूजों को ब्रूडर में रखने के बाद पहले 1 से 1.5 घंटे तक कोई दाना न दें.

​पानी में इलेक्ट्रोलाइट या गुड़ घोलकर पीने के लिए दें ताकि उनका स्ट्रेस कम हो और ऊर्जा मिले.

​दाना और ड्रिंकर का चयन करें. ​1.5 घंटे बाद अखबार पर ही प्री-स्टार्टर (Pre-starter) दाना छिड़कें, क्योंकि शुरुआती दिनों में वे बर्तनों से खाना नहीं जानते.

​हमेशा छोटे ड्रिंकर का उपयोग करें ताकि चूजे उसमें गिरकर भीगें नहीं.

​सफाई और वेंटिलेशन का ध्यान रखें ​अखबार गंदा होते ही बदलें और 3–4 दिन बाद अखबार हटा दें. गीला बुरादा तुरंत बदलें.

​ब्रूडिंग रूम में वेंटिलेशन (हवा की आवाजाही) सही होनी चाहिए, लेकिन बाहर की सीधी ठंडी हवा चूजों को नहीं लगनी चाहिए.

निष्कर्ष
यदि आपने इन उपायों को आजमा लिया तो फिर पोल्ट्री फार्मिंग में चूजों की मृत्युदर को रोका जा सकता. जबकि ये पोल्ट्री फार्मिंग के बिजनेस के लिए बहुत जरूरी भी है. क्योंकि इसके बिना इस काम में सफलता नहीं मिलेगी.

Written by
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