नई दिल्ली. पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा प्रदेश के वृंदावन ग्रामों में 27 अक्टूबर से 31 अक्टूबर के बीच कराई गई थी गोपाल कृष्ण पुरस्कार योजना अंतर्गत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. असल में देसी नस्ल की गायों का पालन केवल हमारी समृद्ध पशुधन परंपरा और संस्कृति का हिस्सा ही नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों की आर्थिक समृद्धि का एक सशक्त माध्यम भी है. सही देखभाल, संतुलित आहार और बेहतर पशुपालन प्रबंधन से देशी नस्ल की गायें भी दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं.
वहीं इस बात को साबित कर दिखाया है उज्जैन जिले के वृंदावन ग्राम तालोद निवासी पशुपालक गौरव रघुवंशी ने, अपनी गिर नस्ल की गाय “राधा” के माध्यम से. उनकी गाय ने प्रतिदिन औसतन 19 लीटर से अधिक सर्वाधिक दूध का उत्पादन कर प्रदेश की दुग्ध उत्पादन प्रतियोगिता में अव्वल रही है.
रतलाम के मुकेश की गाय दूसरे स्थान पर रही
गौरव रघुवंशी की यह उपलब्धि न केवल उनकी मेहनत और पशुपालन के प्रति समर्पण को दर्शाती है, बल्कि देशी नस्ल की गायों की क्षमता और इनके पालन से मिलने वाले आर्थिक अवसरों को भी रेखांकित करती है.
पशुपालक गौरव रघुवंशी ने बताया कि “राधा मेरे लिए सिर्फ एक गाय नहीं, बल्कि मेरे परिवार की महत्वपूर्ण सदस्य है.
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा ग्राम तालोद को वृंदावन ग्राम घोषित किए जाने के बाद यहां देशी गोवंश के संरक्षण एवं संवर्धन को विशेष प्रोत्साहन मिला है.
पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा भी पशुपालकों को उन्नत नस्लों के गोपालन, दूध उत्पादन और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित किया जा रहा है. इसी से प्रेरित होकर उन्होंने अपने पारंपरिक गोपालन को आगे बढ़ाते हुए गिर नस्ल की गाय खरीदी.
राधा की बेहतर देखभाल, संतुलित पोषण और नियमित रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया. इसी का परिणाम है कि राधा ने प्रतिदिन औसतन 19 लीटर 760 ग्राम दूध उत्पादन कर प्रदेश भर में सर्वाधिक दूध उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया है.
पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा गोपाल-कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना के अंतर्गत प्रतियोगिता आयोजित की गई थी.
प्रदेश में सर्वाधिक दूध उत्पादन करने वाली गायों की सूची में टॉप 5 जिलों की बात करें तो रतलाम जिले के ग्राम सुखेड़ा निवासी मुकेश कुमार परमार की गाय ने 17.230 लीटर दूध के दूसरे स्थान पर रही.
उमरिया जिले के ग्राम डोडका निवासी संध्या पांडेय की गिर गाय ने 17.166 लीटर दूध का उत्पादन करके तीसरा स्थान हासिल किया.
रायसेन जिले के ग्राम मांगरोल 2 निवासी ज्ञानेश्वर पटेल की गिर गाय ने 16.350 लीटर तथा राजगढ़ जिले के ग्राम सलेहपुर निवासी सुमेर सिंह पंवार की गिर गाय ने 16.144 लीटर प्रतिदिन दूध उत्पादन कर चौथा और पांचव स्थान हासिल किया है.











Leave a comment