नई दिल्ली. सिक्किम में डेयरी सेक्टर में कई काम हुए हैं. जिसका फायदा भी मिला है. हाल ही में करफेक्टर स्थित माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला का भी वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया गया. वहीं पारंपरिक डेयरी उत्पाद ‘चुरपी’ की ‘ट्रेसेबिलिटी’ को मजबूत करने और इसकी पहचान तथा बाजार में पहुंच को बढ़ावा देने के लिए ‘चुरपी ट्रेसेबिलिटी’ पहल की शुरुआत की गई. केंद्रीय मंत्री रजीव ललन सिंह ने किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) द्वारा विकसित ‘फॉडर प्लस’ उत्पादों के शुभारंभ के साक्षी भी बने. वहीं इस दौरान पांच नवस्थापित डेयरी सहकारी समितियों (डीसीएस) को पंजीकरण प्रमाण-पत्र वितरित किए गए.
यह सिक्किम में सहकारी डेयरी नेटवर्क को मजबूत करने तथा जमीनी स्तर तक संगठित डेयरी संस्थानों की पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक और कदम है. वहीं पिछले एक दशक के दौरान जो भी काम हुए हैं. उसका रिजल्ट भी बेहतर देखने को मिला है. सिक्किम ने दूध उत्पादन में 79 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जो एक अच्छा नंबर है.
उपभोक्ताओं को दोगुना होने लगी दूध की सप्लाई
बताया गया कि सिक्किम में दूध उत्पादन में 79 प्रतिशत की वृद्धि हुई है आौर इसके नतीजे में दूध उत्पादन अब 1.37 लाख लीटर से बढ़कर प्रतिदिन से बढ़कर 2.45 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है.
वहीं, डेयरी सहकारी समितियों की संख्या 2014–15 में 389 से बढ़कर 2025–26 में 733 हो गई है, जो कि 88 प्रतिशत की वृद्धि है.
उपभोक्ताओं को होने वाली दैनिक दूध की आपूर्ति भी दोगुनी हो गई है. इसके आंकड़ों पर नजर करें तो ये 28,000 लीटर से 56,000 लीटर हो गई है.
वहीं मंत्री ने डेयरी विकास में तेजी लाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए, एनडीडीबी से अपने प्रयासों को तेज करने और अतिरिक्त मानव संसाधन तैनात करने का आग्रह किया.
ताकि सिक्किम को दूध के उत्पादन एवं खरीद के मामले में आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल सके.
उन्होंने दूध की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, मिलावट रोकने और किसानों को उचित लाभ दिलाने में डेयरी सहकारी समितियों की भूमिका को रेखांकित किया.
एनडीडीबी के प्रयास से वाराणसी में गजब का फायदा मिला है. एनडीडीबी के हस्तक्षेप से दूध का संग्रह 2022 में 14,000 लीटर प्रतिदिन से बढ़कर लगभग 2.5 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है.
वहीं किसानों को मिलने वाली कीमत भी 28–30 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 42 रुपये प्रति लीटर हो गई है.
इसके अलावा, ‘गोवर्धन’ पहल के तहत बायोगैस संयंत्रों में गाय के गोबर का उपयोग करके किसानों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर भी पैदा हुए हैं.
अब सिक्किम में भी एनडीडीबी पर इसी तरह की जिम्मेदारी है और मंत्री ने आशा जाताई कि आने वाले समय में सिक्किम का डेयरी सेक्टर और मजबूत होगा.












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