नई दिल्ली. भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी और पंचायती राज मंत्री, राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने सिक्किम मिल्क यूनियन के डेयरी प्रोसेसिंग प्लांटों में दो अत्याधुनिक माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशालाओं का उद्घाटन किया. ये प्लांट तादोंग, गंगटोक (प्रत्यक्ष रूप से) और करफेक्टर, जोरथांग (वर्चुअल माध्यम से) में स्थित हैं. ‘नेशनल प्रोग्राम फॉर डेयरी डेवलपमेंट’ (NPDD) के तहत स्थापित ये आधुनिक प्रयोगशालाएं, माइक्रोबायोलॉजिकल टेस्टिंग, गुणवत्ता की निगरानी और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के मामले में मिल्क यूनियन की क्षमताओं को काफी बढ़ाएंगी. उन्नत टेस्टिंग सुविधाओं से लैस ये प्रयोगशालाएं यह सुनिश्चित करने में मदद करेंगी कि दूध और डेयरी उत्पाद तय गुणवत्ता मानकों को पूरा करें, साथ ही इससे ‘सिक्किम मिल्क’ ब्रांड पर उपभोक्ताओं का भरोसा भी मजबूत होगा.
यह उद्घाटन भारत सरकार, सिक्किम सरकार और NDDB के उन निरंतर प्रयासों को दर्शाता है, जिनका उद्देश्य सहकारी डेयरी ढांचे को आधुनिक बनाना, गुणवत्ता आश्वासन प्रणालियों को मजबूत करना और सिक्किम में एक अधिक सक्षम, प्रतिस्पर्धी तथा किसान-केंद्रित डेयरी क्षेत्र का निर्माण करना है. इस दौरान मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने सहकारी डेयरी क्षेत्र में सिक्किम की प्रगति की सराहना की.
डेयरी समितियों को मजबूत करने की ही बात
उन्होंने राज्य में दूध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि, डेयरी सहकारी समितियों के विस्तार, दूध उत्पादकों की बढ़ती भागीदारी और संगठित दूध खरीद प्रणाली के मजबूत होने की बात को रेखांकित किया.
दूध और डेयरी उत्पादों की बढ़ती मांग को देखते हुए, मंत्री ने जमीनी स्तर की डेयरी सहकारी समितियों को और अधिक मजबूत करने की वकालत की.
इसके अलावा दूध की उत्पादकता बढ़ाने, प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) बुनियादी ढांचे का विस्तार करने और बाजार के साथ बेहतर जुड़ाव विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया.
उन्होंने अधिक डेयरी किसानों को संगठित सहकारी ढांचे से जोड़ने के महत्व पर प्रकाश डाला, ताकि उत्पादकों को लाभकारी मूल्य मिल सकें.
दूध की गुणवत्ता में सुधार हो सके और उपभोक्ताओं को सुरक्षित डेयरी उत्पाद आसानी से उपलब्ध हो सकें.
सिक्किम में सहकारी डेयरी के विकास को बढ़ावा देने के लिए वहां मौजूद डेयरी प्रोसेसिंग प्लांट को पूरी तरह से मजबूत और आधुनिक बनाने की आवश्यकता पर बल दिया.
उन्होंने मिजोरम में NDDB (राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड) द्वारा किए गए डेयरी विकास कार्यों का उदाहरण भी दिया.
साथ ही NDDB के अध्यक्ष से आग्रह किया कि वे NDMU डेयरी प्लांट के आधुनिकीकरण और पूरी डेयरी वैल्यू चेन—जिसमें दूध उत्पादन, खरीद, प्रसंस्करण और विपणन शामिल हैं—को मजबूत करने के लिए इसी तरह का सहयोग प्रदान करें.
सहकारी डेयरी विकास में NDDB के योगदान की सराहना करते हुए, माननीय मंत्री ने वाराणसी मिल्क यूनियन में NDDB द्वारा किए गए सफल सुधारों का उल्लेख किया.












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