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Animal News: मुंबई में टाटा ट्रस्ट का अत्याधुनिक वेटरनरी डायलिसिस यूनिट किया गया चालू

जानकारी देते हुए डॉ. रणधीर सिंह.

नई दिल्ली. लुधियाना की गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी के डॉ. रणधीर सिंह को मुंबई के प्रतिष्ठित टाटा ट्रस्ट स्मॉल एनिमल हॉस्पिटल (SAHM) ने अपने नए बने वेटरनरी डायलिसिस यूनिट को चालू करने के लिए एक्सपर्ट के तौर पर बुलाया था. उन्हें अस्पताल की वेटेरिनेरियन (पशु चिकित्सकों) की टीम को एडवांस्ड टेक्निकल ट्रेनिंग देने का काम भी सौंपा गया था. स्वर्गीय रतन टाटा की दूरदर्शी विरासत के तहत स्थापित, टाटा ट्रस्ट स्मॉल एनिमल हॉस्पिटल भारत की सबसे एडवांस्ड पालतू जानवरों की हेल्थकेयर सुविधाओं में से एक है.

यह वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटरनेशनल स्टैंडर्ड वाले ट्रेनिंग प्रोग्राम से लैस है, जिसमें रॉयल वेटरनरी कॉलेज, लंदन के साथ सहयोग भी शामिल है.

डॉ. रणधीर सिंह ने डिटेल से हर एक जानकारी की साझा
अपनी यात्रा के दौरान, डॉ. रणधीर सिंह ने रीनल फेलियर (गुर्दे की विफलता) पर विस्तृत लेक्चर दिए, जिसमें डायग्नोसिस, निर्णय लेने और इलाज के लिए सबूत-आधारित तरीकों पर जोर दिया गया.

उन्होंने वेटरनरी हेमोडायलिसिस पर खास सेशन भी आयोजित किए, जिनमें मरीज़ का चयन, वैस्कुलर एक्सेस, सर्किट डिज़ाइन, मशीन चलाना, प्रिस्क्रिप्शन, पर्याप्तता का आकलन, डोज़ की गणना, एंटीकोएग्यूलेशन और जटिलताओं का प्रबंधन शामिल था.

इस प्रोग्राम में बड़े पैमाने पर हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग भी शामिल थी, जिसके दौरान अस्पताल के वेटेरिनेरियन ने डायलिसिस प्लेटफ़ॉर्म चलाने, एक्स्ट्राकोर्पोरियल सर्किट को असेंबल करने, प्राइमिंग प्रक्रियाओं और समस्या निवारण (ट्रबलशूटिंग) का प्रैक्टिकल अनुभव प्राप्त किया.

उनकी देखरेख में, अस्पताल ने सफलतापूर्वक अपना डायलिसिस यूनिट चालू किया, जिससे पालतू जानवरों के लिए एडवांस्ड रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी सेवाओं को शुरू करने का रास्ता साफ हुआ.

डॉ. रणधीर सिंह की विशेषज्ञता ने अलग-अलग नेशनल इंस्टिट्यूट में डायलिसिस सेवाओं को विकसित करने और वेटरनरी टीमों को ट्रेनिंग देने में अहम भूमिका निभाई है.

यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर डॉ. जे.पी.एस. गिल ने कहा कि टाटा ट्रस्ट स्मॉल एनिमल हॉस्पिटल से मिला निमंत्रण एडवांस्ड वेटरनरी हेल्थकेयर में यूनिवर्सिटी की बढ़ती लीडरशिप और क्लिनिकल उत्कृष्टता और क्षमता निर्माण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

कॉलेज ऑफ वेटरनरी साइंस के डीन डॉ. स्वर्ण सिंह रंधावा ने कहा कि डॉ. सिंह का योगदान कॉलेज के उस विज़न का उदाहरण है, जिसका मकसद अत्याधुनिक क्लिनिकल विशेषज्ञता को वेटरनरी प्रोफेशन के फायदे में बदलना है.

क्लिनिक्स के डायरेक्टर डॉ. जे. मोहिंद्रू ने डॉ. सिंह की शानदार उपलब्धि की तारीफ़ करते हुए कहा कि वेटेरिनेरियन को उनकी मेंटरिंग और प्रमुख संस्थानों में एडवांस्ड डायलिसिस सुविधाओं की स्थापना से भारत में पालतू जानवरों के लिए खास रीनल केयर में काफी सुधार होगा.

आपको बताते चलें कि रीनल केयर (Renal Care) का मतलब गुर्दे (किडनी) की सेहत की देखभाल, बचाव और इलाज से है. इसमें मुख्य रूप से नियमित जांच, दवाइयों द्वारा संतुलन, और खान-पान में बदलाव शामिल हैं.

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