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Animal News: PAU की एडवाइजरी के मुताबिक पशुओं को ठंड से बचाने के लिए ये काम करें पशुपालक

langda bukhar kya hota hai
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. ठंड में जहां आम इंसान अपने घरों में दुबक जाते हैं और खुद को ठंड से बचने के लिए तमाम एहतियाती कदम उठाते हैं. ठीक उसी तरह से डेयरी फार्मिंग में डेयरी पशुओं की भी देखरेख की जरूरत होती है. क्योंकि उन्हें भी ठंड लगती है और इससे उन्हें बीमारियों का खतरा भी होता है. अगर आप डेयरी फार्मिंग का काम कर रहे हैं तो यह खबर आपके लिए ही है. क्योंकि आपको यह जरूर मालूम होना चाहिए कि ठंड के दिनों में पशुओं को किस तरह से बचाया जाए कि वह बीमार न पड़ें और उनका दूध उत्पादन कम न हो. क्योंकि इसका सीधा असर डेयरी फार्मिंग की इनकम पर पड़ता है.

समय-समय पर तमाम संस्थान डेयरी फार्मिंग को लेकर एडवाइजरी जारी करते हैं. आमतौर पर पशुओं की देखभाल कैसे करना है और किस मौसम में किस हिसाब से पशुओं को केयर की जरूरत होती है, उन्हें क्या खिलाना चाहिए, ठंड से उन्हें बचाने के लिए क्या उपाय करने चाहिए, इन सब मुद्दों पर एडवाइजरी जारी होती रहती है.

दूध उत्पादन पर पड़ता है असर
बताते चलें कि एडवाइजरी जारी करने का मकसद यह होता है कि पशुओं को सुरक्षित रखा जाए ताकि इससे पशुपालकों को नुकसान न हो. क्योंकि कहीं न कहीं पशुपालक की इनकम का सोर्स पशुओं से हासिल होने वाला दूध होता है और ठंड जैसे मौसम में दूध उत्पादन पर बहुत असर पड़ता है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ठंड के मौसम में ठंड लगने से पशुओं के दूध उत्पादन पर तो असर पड़ता है. वहीं हरे चारे की भी कमी रहती है. इस वजह से भी पशुओं को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाता है. हाल ही में पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में एडवाइजरी जारी की है, जिसमें वहां के एक्सपर्ट ने तमाम जरूरी काम करने के लिए सलाह दी है. ताकि पशुओं को ठंड में होने वाली परेशानियों से बचाया जा सके.

जानें एडवाइजरी में क्या-क्या है अहम बातें
पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी की एडवाइजरी में कहा गया है कि सर्दियों में शेड के अंदर ठंडी हवा को जाने से रोकना चाहिए. क्योंकि इससे दूध उत्पादन पर असर पड़ता है.

दूसरे प्वाइंट में कहा गया है कि कम तापमान और ठंडी हवा का मेल पशुओं की हेल्थ के लिए बहुत ही नुकसानदायक होता है. इसलिए इससे बचने के उपाय करने चाहिए. रिसर्च में यह बात साबित हो चुकी है

शेड दोनों तरफ से खुले होते हैं. अगर रात में चादर से दोनों तरफ से ठंडी हवा के प्रवेश को रोक दिया जाए तो कम से कम 500 ग्राम दूध उत्पादन बढ़ जाता है. जबकि जिस शेड में ठंडी जाती है, वहां पशुओं का उत्पादन घट जाता है.

साथ ही ठंड के मौसम में शेड के अंदर नमी को नियंत्रित करने के लिए जरूरी वेंटिलेशन के लिए हर दिन खिड़कियां समय से खोलते रहना चाहिए, ताकि पशुओं को आराम मिले. जब धूप निकल जाए तो पशुओं को धूप भी दिखाई जा सकती है.

Written by
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