Home पशुपालन ओरण की समस्या को विश्व स्तर पर पहुंचाने के लिए आगे आए कलाकार, चला रहे ये अभियान
पशुपालन

ओरण की समस्या को विश्व स्तर पर पहुंचाने के लिए आगे आए कलाकार, चला रहे ये अभियान

oran social drive,saveoran,jaisalmer
जैसलमेर में ओरण बचाने के लिए कलाकार चला रहे अभियान

नई दिल्ली. जैसलमेर के सीमावर्ती विशाल चारागाहों में सदियों से ऐसे सैकड़ों कुएं है, जिनके जल से आमजन का जीवन तो चलता ही है, पशुधन भी पलता है. पशुपालन के लिए ही स्थानीय लोगों ने अपने चारागाहों (ओरण- गोचर) में यह कुएं बनाएं, जिससे उन्हें व उनके पशुधन को पानी मिल सके. इस क्षेत्र लाखों पशुओं के लिए सैकड़ों की संख्या पर कुएं हैं. इन सभी कुंओं पर हजारों की संख्या में पशु पानी पीते हैं. मगर, सरकार ने इन चारागाह, गोचर और ओरण की जमीन को विंड कंपनियों को आंवटित करना चाहती है. इन ओरण, चारागाह को बचाने के लिए बड़ा अभियान छिड़ा हुआ है. इसमें ओरण टीम जैसलमेर के अलावा अब सामाजिक और कलाकार भी आगे आकर अभियान चलाकर रहे हैं, जिससे इसे बचाया जा सके. बता दें कि आंदोलन चलाकर अभियान को और तेज करने वाले सुमेर सिंह को रेंजलैंड अवार्ड-2023 मिल चुका है.

सुमेर सिंह ने बताया कि हमने सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन किया, मीडिया से जुड़े और ओरण और चरागाह भूमि के संरक्षण के लिए स्थानीय लोगों और सरकार से वकालत की. एइसी का नतीजा रहा कि नजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) ने आदेश दिया कि ग्रेट इंडियन बस्टर्ड और अन्य वन्यजीवों जैसी कमजोर प्रजातियों के आवासों की रक्षा के लिए डेगराई ओरान के भीतर कोई उच्च-शक्ति लाइनें स्थापित नहीं की जानी चाहिए. वर्तमान में हमारे प्रयासों का ही नतीजा है कि इन 10,000 हेक्टेयर भूमि का उपयोग कई चरागाहों के लिए किया जा रहा है, साथ ही वन्यजीव और जैव विविधता संरक्षण प्रयासों को सुविधाजनक बनाने के लिए हर 5 किमी पर तालाबों की स्थापना द्वारा ओरण को समर्थन दिया जा रहा है.

नहीं करने दिया जाएगा ओरण का अधिग्रहण
ओरण को बचाने के लिए साउथ एशियाई आर्ट्स आर्गेनाइजेशन फियरलेस ग्रुप की ओर से राजस्थ्ज्ञान के ओरण व उनसे जुड़े जल संसाधनों और पर्यावरण के संरक्षण को लेकर अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान को जैसलमेर फोर्ट पैलेस म्यूजियम, संस्थान आई लव जैसलमेर, पर्यावरणविद पार्थ जगाणी के संयुक्त तत्वाधान में चलाया जा रहा है. इसमें बड़ी संख्या में जैसलमेर व अन्य जिलों की महिलाएं हिस्सा ले रही हैं. देगराय ओरण व सांवता गांव की विभिन्न समुदायो की महिलाओं ने ​अभियान में भाग लेकर सरकार को संख्त संदेश दिया कि किसी भी कीमत में ओरण, गोचर, चारागाहों की जमीनों का अधिग्रहण नहीं करने दिया जाएगा.

विश्व में अवगत कराना है ओरण की समस्या को
बता दें कि फियरलेस ग्रुप दक्षिण एशिया के कलाकारों का समूह है, जो कि विगत कुछ वर्षों से महिलाओं व सीमान्त जन समुदायो के सशक्तिकरण का कार्य अपनी कला के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कर रहे हैं. फियरलेस ग्रुप के फाउंडर चित्रकार शाईलो शिव सुलेमान के अनुसार जैसलमेर में कार्यक्रम का उद्देश्य ओरण की सम्पूर्णता सम्पनता के बारे में विश्व को अवगत कराना है. वहीं पार्थ जगानी ने कहा कि ओरण और पर्यावरण संरक्षण के लिए जैसलमेर में चल रहे अभियान को इंटरनेशनल बिरादरी की जानकारी में लाने के लिए एक अभियान है, जिसमें महिलाओं की आवाज को सशक्त किया जा रहा है.

प्राचीन खेजड़ी की परिक्रमा कर समस्याओं पर की चर्चा
आई लव जैसलमेर की शाहीन हसन ने बताया कि आने वाले दिनों में यह कार्यशाला दामोदरा जजिया गांव और जैसलमेर दुर्ग में भी आयोजित होगी. इसके तहत फीयरलेस ग्रुप चित्रकारी करेगा. कार्यक्रम में देगराय ओरण क्षेत्र की महिलाओं ने कलाकारो के साथ ओरण में मौजूद प्राचीन खेजड़ी की परिक्रमा कर वहां ओरण के साथ महिलाओं के जुड़ाव, समस्याओ और संरक्षण पर चर्चा की. आयोजन में टीम ओरण सदस्यों सुमेरसिंह भाटी, जोगराजसिंह भाटी, सांगाराम सुधार एवं आई लव जैसलमेर से कुम्प सिंह, सवाई सिंह आदि शामिल रहे.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

दुधारू पशुओं के बयाने के संकेत में सामान्यतया गर्भनाल या जेर का निष्कासन ब्याने के तीन से 8 घंटे बाद हो जाता है.
पशुपालन

Dairy Animal Disease: पशु की संक्रामक बीमारियां सेहत के साथ डालती हैं उत्पादन पर असर

नई दिल्ली. एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि पशुपालन के काम में...

livestock animal news
पशुपालन

Animal News: पशुओं के लिए भरपूर मिले चारा, सरकार ने हजारों हेक्टेयर चारागाह भूमि से हटवाया कब्जा

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पशु कल्याण और गोवंश संरक्षण...