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Goat Farming: बकरी पालन में मशहूर हैं पंजाब के सरदार सुखपाल, जानें क्यों है उनका इतना नाम

goat farming with beetal goat
बीटल बकरी और मशहूर बकरी पालक सरदार सुखपाल सिंह.

नई दिल्ली. पंजाब के अमृतसर शहर से 3 किलोमीटर दूर गिल गोट फार्म के मालिक सरदार सुखपाल सिंह गिल बकरी पालन के मामले में बहुत मशहूर हैं. क्योंकि बकरी पालन करके ही सरदार सुखपाल 20 से 25 लाख रुपये बहुत ही आसानी से मुनाफा कमा लेते हैं. हालांकि वो आज जिस मुकाम पर हैं, उसे हासिल करने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की है और वो कहते हैं कि जो भी किसान गोट फॉर्मिंग में हाथ आजमाना चाह रहे इसके लिए सबसे पहले उन्हें इस कारोबार को समय देना होगा. इसकी शुरुआत करने के बाद 3 या फिर 4 वर्षों में इससे अच्छा खासा मुनाफा हासिल होने लगेगा.

किस तरह होता है मुनाफा
सुखपाल सिंह गिल कहते हैं कि उनके घर पर शुरू से ही बीटल बकरी थी. क्योंकि इसे संभालना आसान है. इसलिए इसे गरीब किसानों की भैंस भी कहा जाता है. ये एक ऐसी बकरी है, जो गर्मी, सर्दी सब झेल लेती है. मेरे फॉर्म से बकरी जम्मू, महाराष्ट्र, दिल्ली के अलावा अन्य राज्यों में भी जाती है. ये इसलिए संभव हो पाता है कि इस नस्ल की बकरी हर मौसम में आसानी से खुद को ढाल लेती है. इसी वजह से इसकी मार्केटिंग में भी कोई दिक्कत नहीं है. जिसके चलते मुझे फायदा होता है.

बकरियों को क्या खिलाते हैं
बकरियों को फीडिंग के बारे में उन्होंने बताया कि जो किसान के घर में नेचुरली होता वही देता हूं. इसे ऐसे समझ सकते हैं कि मक्का, गेहूं, जौ आदि खिलाता हूं. जरूरत पड़ने पर मिनरल मिक्चर भी देना होता है. चोकर में मिलाकर देता हूं. साइलेज भी दिया जाता है. उन्होंने कहा कि जो छोटे किसान हैं वो रेडीमेड साइलेज लेकर बकरियों को खिला सकते हैं. जिसकी कीमत भी 5 से 6 रुपये प्रति किलो है. उन्होंने बताया कि इस वक्त उनके पास ढाई सौ से ज्यादा बकरियां हैं बच्चों की गिनती नहीं करते हैं. जबकि उनके पास 200 से ज्यादा जमुनापारी भेड़ भी हैं.

कब करते हैं बकरियां सेल
यहां पर ब्रीडिंग सिस्टम भी है. हम फार्म में बच्चों की बहुत केयर करते हैं. क्योंकि फॉर्म में बच्चों का स्टॉक अच्छा होगा तो फॉर्म सक्सेसफुल हो जाएगा. उसके लिए सूखी जगह होनी चाहिए. वैक्सीनेशन वक्त से कराना चाहिए. इन सब चीजों का ध्यान रखा जाए तो बच्चों को कोई बीमारी नहीं लगेगी. बेचने की बात की जाए तो 3 महीने से पहले मैं बच्चा सेल नहीं करता हूं. जब बच्चे 20 से 25 किलो के हो जाते हैं तब सेल करता हूं. क्योंकि 15 दिन का बच्चा किसी किसान को दे दिया जाए तो उसे प्रॉफिट नहीं आएगा. अच्छा पीरियड 3 महीना के बाद आता है. इसलिए 20-25 किलो का जब बच्चा हो तभी बेचना चाहिए.

वैक्सीनेशन का खास ख्याल रखना चा​हिए
अक्सर बकरियां एक हफ्ते में बीमार होने लगती हैं. इसकी वजह यह निकल कर आई है कि कोई बकरी आए तो उसका वैक्सीनेशन होना चाहिए. अगर बकरी फार्म में लंबा चलना है तो उसके लिए ईमानदारी से वैक्सीनेशन वगैरह करना जरूरी होता है. मैं बाहर से भी परचेस करता हूं, आर्डर पूरा करने के लिए तो उन्हीं किसानों या अन्य लोगों से खरीदता हूं, जिसके साथ पुराना संबंध है और मुझे ये पता होता कि उन्होंने वैक्सीनेशन कराया ही है. मेरे पास जो भी ऑर्डर आता है मैं सारी बकरियां को एक क्वालिटी की देता हूं.

फायदा लेने के लिए क्या करें
मेरे पास बकरियों आठवीं नस्ल भी है. मैं 25 साल से फॉर्म चला रहा हूं. अगर फार्म खोलना है तो सबसे जरूरी है कि सरकारी ट्रेनिंग लेना चाहिए. शुरुआत 10 बकरी से करें या पांच बकरी से प्रॉफिट लेना है तो ट्रेनिंग होना जरूरी है. उन्होंने कहा कि किसान ढाई सौ बकरी परचेज करे या फिर 100, 200 करे. इसमें टाइम देना पड़ता है. 3 साल कम से कम इस कारोबार को दे तो फिर फायदा नजर आने लगेगा.

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